एशेज के नायक ट्रॉय कूली ने 20 साल बाद की ऐतिहासिक वापसी, इंग्लैंड टीम के बने नए पेस-बॉलिंग कोच

एशेज के नायक ट्रॉय कूली ने 20 साल बाद की ऐतिहासिक वापसी, इंग्लैंड टीम के बने नए पेस-बॉलिंग कोच

क्रिकेट में लंबे समय बाद वापसी कोई नई बात नहीं है, लेकिन इंग्लैंड क्रिकेट टीम में एक शख्स की 20 साल बाद वापसी ने सबका ध्यान खींचा है। इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने ऐतिहासिक एशेज के नायक ट्रॉय कूली को करीब दो दशकों बाद फिर से कोचिंग सेट-अप में शामिल किया है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: क्रिकेट जगत में लंबे अंतराल के बाद वापसी कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब कोई कोच 20 साल बाद उसी टीम में लौटे, जहां उसने इतिहास रचा हो, तो यह खबर खास बन जाती है। इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने करीब दो दशक बाद एक बार फिर 2005 एशेज सीरीज़ के शिल्पकार ट्रॉय कूली को अपने कोचिंग सेट-अप में शामिल किया है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने आधिकारिक तौर पर 60 वर्षीय कूली को पेस-बॉलिंग लीड कोच नियुक्त करने की घोषणा की।

ट्रॉय कूली वही नाम हैं, जिन्होंने 2005 की ऐतिहासिक एशेज सीरीज़ में इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी को धार देकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यादगार जीत की नींव रखी थी। उस सीरीज़ को आज भी टेस्ट क्रिकेट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में गिना जाता है।

इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी को नई दिशा

अपने नए पद पर ट्रॉय कूली इंग्लैंड के पुरुष क्रिकेट सिस्टम में तेज गेंदबाजों के विकास और कोचिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसमें यंग लायंस, इंग्लैंड लायंस और सीनियर टीम—तीनों स्तर शामिल होंगे। ECB का मानना है कि कूली का अनुभव न केवल मौजूदा खिलाड़ियों को मजबूती देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ी के गेंदबाजों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होगा।

ECB के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने कूली की नियुक्ति को इंग्लैंड क्रिकेट के लिए बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि ट्रॉय कूली दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फास्ट-बॉलिंग कोचों में से एक हैं। पिछले दो दशकों में उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में विश्व स्तरीय तेज गेंदबाज तैयार किए हैं और उनका ट्रैक रिकॉर्ड खुद उनकी काबिलियत का सबूत है।

BCCI और VVS लक्ष्मण का जताया आभार

2005 एशेज के बाद ट्रॉय कूली 2006 में अपने देश ऑस्ट्रेलिया लौट गए थे। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के नेशनल परफॉर्मेंस प्रोग्राम में करीब 15 साल तक काम किया। इस दौरान उन्होंने कई युवा तेज गेंदबाजों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार किया। 2021 में कूली भारत आए और BCCI की नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) से बतौर फास्ट-बॉलिंग कोच जुड़े। यहां उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजी ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में कई युवा भारतीय गेंदबाजों ने अपनी गति, फिटनेस और तकनीक में उल्लेखनीय सुधार किया।

इंग्लैंड क्रिकेट से दोबारा जुड़ने पर ट्रॉय कूली ने BCCI और नेशनल क्रिकेट एकेडमी का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत में रखी गई मजबूत नींव पर उन्हें गर्व है और VVS लक्ष्मण के नेतृत्व वाली BCCI टीम के साथ काम करना उनके लिए बेहद संतोषजनक अनुभव रहा। कूली ने कहा कि ECB के साथ काम करना उनके करियर का एक रोमांचक नया अध्याय है। उनका मानना है कि इंग्लैंड के पास विश्व स्तरीय पेस-बॉलिंग टैलेंट मौजूद है और सही मार्गदर्शन के साथ यह आक्रमण आने वाले वर्षों में और खतरनाक बन सकता है।

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