असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर हमला बोलते हुए कहा कि वह धमकियों से नहीं डरते। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार डर की राजनीति कर रही है, जिसका जनता पर अब असर नहीं है।
New Delhi: असम की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री की धमकियों और डराने की कोशिशों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। गोगोई ने यह बयान जोरहाट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री की भाषा और राजनीति अब जनता पर असर नहीं डाल रही है।
जोरहाट में मीडिया से बातचीत
गौरव गोगोई ने कहा कि मुख्यमंत्री की धमकियों की राजनीति ज्यादा दिन तक नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि आजकल मुख्यमंत्री जो भी कहते हैं, उससे राज्य के लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगले कुछ महीनों में मुख्यमंत्री जो चाहे कर लें, लेकिन सत्ता से बाहर होने के बाद उन्हें जनता के बीच ही रहना होगा और जनता सब कुछ याद रखेगी।
आईएसआई आरोपों पर क्या बोले गोगोई
पिछले कुछ महीनों से मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा लगातार गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री का दावा है कि गोगोई और उनकी पत्नी के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) से संबंध हैं। गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न ब्रिटेन की नागरिक हैं, जिसको लेकर भी राजनीतिक विवाद खड़ा किया गया है।
इन आरोपों को लेकर गोगोई ने पहले भी कहा था कि यह सब ध्यान भटकाने की राजनीति है। जोरहाट में उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगा रहे हैं और जनता अब इस तरह की राजनीति को समझ चुकी है।
SIT जांच और सरकार की कार्रवाई

इन आरोपों के बाद असम सरकार ने मामले की जांच के लिए एक Special Investigation Team (SIT) का गठन किया था। एसआईटी ने 10 सितंबर को मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने संकेत दिया कि इस मामले को केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपा जाएगा।
शर्मा ने यह भी कहा था कि जैसे ही जुबिन गर्ग हत्याकांड से जुड़े मामले में आरोपपत्र दाखिल हुआ है, अब गौरव गोगोई से जुड़े मामले पर आगे बढ़ा जाएगा। इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
जुबिन गर्ग हत्याकांड पर सवाल
गौरव गोगोई ने जुबिन गर्ग हत्याकांड में अपराध अन्वेषण विभाग (CID) की विशेष जांच टीम द्वारा दाखिल आरोपपत्र पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के कई अनुभवी वकीलों की टिप्पणियों से यह साफ हो गया है कि यह आरोपपत्र बेहद कमजोर है।
गोगोई का आरोप है कि यह चार्जशीट सोच-समझकर तैयार की गई है ताकि मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी श्यामकानु महंत को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस आरोपपत्र में कई ऐसे नाम शामिल नहीं किए गए हैं, जिन्हें किया जाना चाहिए था।
आरोपपत्र को बताया रणनीतिक चाल
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला राजनीतिक दबाव में तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में निष्पक्ष जांच चाहती, तो सभी आरोपियों के नाम सामने लाए जाते। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे साफ है कि सरकार कुछ लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री की राजनीति पर तीखा हमला
गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की राजनीति को डर और धमकी की राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हर मुद्दे पर विपक्ष को डराने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह तरीका ज्यादा समय तक नहीं चल सकता। उन्होंने कहा कि असम की जनता समझदार है और वह सच्चाई जानती है।










