कनाडा की प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोमवार को हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बैठक में व्यापार, ऊर्जा, तकनीकी और शिक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। यह दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
New Delhi: कनाडा की प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अपने भारत दौरे पर सोमवार को हैदराबाद हाउस पहुंचीं, जहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाकर गर्मजोशी भरी अभिवादन की और इसके बाद द्विपक्षीय बैठक शुरू हुई। यह मुलाकात भारत और कनाडा के बीच रिश्तों को नई दिशा देने और व्यापारिक, तकनीकी और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा करने के लिए आयोजित की गई थी।
प्रधानमंत्री मोदी और मार्क कार्नी के बीच यह पहली औपचारिक बैठक है। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने और नए समझौतों की दिशा में चर्चा करने की संभावना जताई। बैठक का प्रमुख फोकस व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी सहयोग पर रहा। इसके अलावा दोनों देशों ने उच्च तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया।
द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय
भारत और कनाडा के संबंध पिछले कुछ वर्षों में तनावपूर्ण रहे हैं। 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोपों के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में खटास आई थी। इसके बाद से दोनों देशों ने अपने मतभेद सुलझाने के प्रयास किए।
मार्क कार्नी की यह भारत यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनकी प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली भारत यात्रा है। इसे दोनों देशों के बीच डिप्लोमैटिक रिसेट और संबंधों में नया अध्याय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बैठक भारत-कनाडा संबंधों को एक नई दिशा देने में मददगार साबित हो सकती है।
व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा

बैठक में व्यापारिक सहयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से व्यापारिक संबंध रहे हैं, लेकिन हाल के तनावों के कारण कई समझौते प्रभावित हुए। दोनों देशों के नेताओं ने इस बार उच्च तकनीक, औद्योगिक निवेश और सेवा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।
ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भी बैठक महत्वपूर्ण रही। भारत अपनी बिजली और ऊर्जा जरूरतों के लिए कनाडा से लंबी अवधि तक यूरेनियम आयात करने का प्रयास कर रहा है। यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा उत्पादन को सुदृढ़ करने में सहायक होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि कनाडा से यूरेनियम आयात पर ठोस समझौता होने की संभावना है, जिससे भारत को अपने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता मिलेगी।
तकनीकी और शिक्षा क्षेत्र में सहयोग
बैठक के दौरान तकनीकी सहयोग पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने उच्च तकनीक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। शिक्षा क्षेत्र में भी साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों और अनुसंधान केंद्रों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर विचार हुआ।
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच महत्वपूर्ण बैठक
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के कारण तनाव बढ़ा हुआ है। मिडिल ईस्ट में अस्थिरता के बीच भारत और कनाडा के बीच रणनीतिक सहयोग पर चर्चा करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बैठक से दोनों देशों के बीच सुरक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को मजबूती मिल सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी और मार्क कार्नी के बीच बैठक में वैश्विक सुरक्षा और व्यापारिक हितों पर भी चर्चा हुई। यह बैठक दो पक्षों के लिए एक अवसर है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा हितों और रणनीतिक लक्ष्यों पर समन्वय कर सकें।










