गजक के भारत में कई नाम हैं, इनमें से कितने आपने सुने हैं?

गजक के भारत में कई नाम हैं, इनमें से कितने आपने सुने हैं?

भारत में सर्दियों की सबसे लोकप्रिय मिठाई गजक अलग-अलग राज्यों में अलग नाम और अलग स्वाद के साथ पसंद की जाती है। कहीं यह तिलपट्टी है, कहीं तिलकुट तो कहीं चिक्की। नाम बदलते हैं, लेकिन धूप में बैठकर गजक खाने की परंपरा पूरे देश में एक जैसी है।

Gajak in India: सर्दियों के मौसम में गजक देशभर में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली मिठाइयों में शामिल है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान में इसे गजक, मध्य प्रदेश में तिलपट्टी, बिहार में तिलकुट और महाराष्ट्र में चिक्की कहा जाता है। हर राज्य में इसे अपने स्वाद और परंपरा के अनुसार तैयार किया जाता है। गुड़, तिल और मूंगफली से बनने वाली यह मिठाई सर्दियों में शरीर को ऊर्जा देने के साथ लोगों को एक सांस्कृतिक स्वाद से भी जोड़ती है।

उत्तर भारत में गजक का असली रंग

उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में इसे सीधे तौर पर गजक कहा जाता है। यहां कागजी गजक, रेवड़ी वाली गजक, दाना गजक और तिल पट्टी जैसी कई किस्में मिलती हैं। उत्तर भारत की गजक अपनी पतली, कुरकुरी बनावट और संतुलित मिठास के लिए जानी जाती है। सर्दियों में गली-मोहल्लों से लेकर बड़े बाजारों तक गजक की दुकानें सज जाती हैं और लोग धूप में बैठकर इसका स्वाद लेना पसंद करते हैं।

मध्य प्रदेश की तिलपट्टी की खास पहचान

मध्य प्रदेश के ग्वालियर और भिंड जैसे शहरों में गजक को तिलपट्टी कहा जाता है। यहां की गजक खास तौर पर गहरे रंग और गाढ़े स्वाद के लिए जानी जाती है, क्योंकि इसमें गुड़ को लंबे समय तक पकाया जाता है। ग्वालियर की गजक की खुशबू और मिठास दूर-दूर तक मशहूर है और इसे यहां की पहचान माना जाता है।

बिहार और झारखंड का तिलकुट

बिहार के गया जिले का तिलकुट पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां गजक को तिलकुट कहा जाता है, जो दो तरह का होता है। एक काला तिलकुट जो गुड़ से बनता है और दूसरा सफेद तिलकुट जो चीनी से तैयार किया जाता है। यह आम गजक की तुलना में ज्यादा सख्त होती है और इसकी गोल या चपटी आकृति होती है। स्वाद में यह भी बेहद खास मानी जाती है।

महाराष्ट्र की चिक्की का अलग अंदाज

महाराष्ट्र में गजक को चिक्की या तिलचिक्की के नाम से जाना जाता है। यहां तिल के साथ मूंगफली, नारियल और सूखे मेवे मिलाए जाते हैं। यह थोड़ी मोटी और चबाने वाली होती है, लेकिन स्वाद में काफी दमदार होती है। लोनावला की चिक्की देशभर में खास पहचान रखती है।

गुजरात की सुकड़ी और तिलकुट

गुजरात में इसे तिलकुट कहा जाता है और कई ग्रामीण इलाकों में सुकड़ी के नाम से भी जाना जाता है। यहां गुड़ की मात्रा कम होती है, इसलिए यह ज्यादा मीठी नहीं होती। भुने हुए तिल की खुशबू इसकी खास पहचान है।

पंजाब और दक्षिण भारत की अपनी परंपरा

पंजाब में इसे गजक, मूंगफली चिक्की या गुड़ पट्टी कहा जाता है। लोहड़ी के त्योहार पर गजक बांटना परंपरा का हिस्सा है। वहीं दक्षिण भारत में कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में यह तिल लड्डू, तिल उंडे या पल्ली पट्टी के रूप में खाई जाती है। यह आमतौर पर गोल लड्डू की शक्ल में होती है, लेकिन स्वाद वही सर्दियों वाली मिठास देता है।

कुल मिलाकर, नाम चाहे कोई भी हो, गजक भारत में सर्दियों की सबसे मीठी पहचान बन चुकी है। हर राज्य ने इसे अपने स्वाद और परंपरा के अनुसार अपनाया है, और यही इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती

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