Gmail यूजर्स की प्राइवेसी पर सवाल: AI फीचर्स कर रहे हैं डेटा एक्सेस

Gmail यूजर्स की प्राइवेसी पर सवाल: AI फीचर्स कर रहे हैं डेटा एक्सेस

Gmail यूजर्स की प्राइवेसी पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि AI-सक्षम फीचर्स उनके ईमेल डेटा तक पहुंच बना सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि Smart Features और Workspace Smart Features को डिसेबल करना जरूरी है। Google ने दावा किया है कि डेटा केवल फीचर्स चलाने के लिए इस्तेमाल होता है, AI ट्रेनिंग के लिए नहीं।

Gmail Privacy Alert: हाल ही में टेक एक्सपर्ट डेवरी जोन्स ने बताया कि कई Gmail यूजर्स अनजाने में AI ट्रेनिंग के लिए सहमति दे चुके हैं। Gmail का यह फीचर यूजर्स के पर्सनल ईमेल और अटैचमेंट्स तक AI की पहुंच बढ़ा सकता है। Google ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि डेटा केवल फीचर्स को सही तरीके से चलाने के लिए इस्तेमाल होता है। डिजिटल युग में ईमेल बैंकिंग, ऑफिस और निजी जानकारियों का जरिया बन चुका है, इसलिए यूजर्स को अपनी सेटिंग्स पर नजर रखनी और अनावश्यक स्मार्ट फीचर्स को बंद करना जरूरी है।

Gmail में प्राइवेसी पर उठ रहे सवाल

टेक एक्सपर्ट डेवरी जोन्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि कई Gmail यूजर्स अनजाने में AI ट्रेनिंग के लिए सहमति दे चुके हैं। उनके अनुसार, यूजर्स को अपनी सेटिंग्स पर खुद ध्यान देना चाहिए, नहीं तो AI फीचर्स उनके पर्सनल ईमेल और अटैचमेंट्स तक पहुंच बना सकते हैं।

Google ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि यूजर डेटा का इस्तेमाल केवल फीचर्स को सही तरीके से चलाने के लिए किया जाता है। कंपनी ने साफ किया कि ईमेल डेटा AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए इस्तेमाल नहीं होता।

क्यों जरूरी है सतर्क रहना

आज डिजिटल युग में ईमेल सिर्फ मैसेजिंग का जरिया नहीं रहा, बल्कि इसमें बैंकिंग, ऑफिस और निजी जानकारियां भी होती हैं। ऐसे में यदि यूजर अपनी Gmail सेटिंग्स पर नजर नहीं रखता, तो प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है। साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि समय-समय पर स्मार्ट फीचर्स की सेटिंग्स चेक करें और जरूरत न होने पर उन्हें बंद रखें।

Gmail की AI-सक्षम फीचर्स सुविधा देती हैं, लेकिन यूजर्स के लिए प्राइवेसी रिस्क भी बढ़ा सकती हैं। Smart Features और Workspace Smart Features को सही तरीके से डिसेबल करना प्राइवेसी सुरक्षित रखने का सबसे आसान तरीका है।

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