गुजरात में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, निवेश ₹1.5 लाख करोड़

गुजरात में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, निवेश ₹1.5 लाख करोड़

गुजरात के कच्छ में खावड़ा सोलर पार्क में दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क बन रहा है। इसमें 30 GW क्षमता के सौर और पवन ऊर्जा संयोजन से लगभग 1.8 करोड़ घरों को बिजली मिलेगी और 1 लाख रोजगार सृजित होंगे।

बिज़नेस न्यूज़: गुजरात के कच्छ जिले में खावड़ा सोलर पार्क के रूप में दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क तैयार हो रहा है। यह पार्क 72,600 हेक्टेयर (179,000 एकड़) क्षेत्र में फैला है और इसमें सोलर पैनल के साथ विंड टर्बाइन लगे होंगे। कुल 30 गीगावाट (GW) बिजली उत्पादन की क्षमता होगी, जो लगभग 1.8 करोड़ भारतीय घरों को रोशन करने के लिए पर्याप्त है।

पार्क का मुख्य उद्देश्य भारत में साफ और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही यह रोजगार सृजन और कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

निवेश और रोजगार के अवसर

पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया पार्क के इलेक्ट्रिक पावर ट्रांसमिशन का प्रबंधन करेगी। इस परियोजना में कुल निवेश लगभग ₹150,000 करोड़ होने की संभावना है। पार्क से 100,000 नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

इसके अलावा, हर साल लगभग 5 करोड़ टन कार्बन एमिशन में कमी आने की संभावना है। सरकार 14 GWh की ग्रिड-स्केल बैटरी स्टोरेज सिस्टम लगाने की योजना भी बना रही है। पार्क से 7 गीगावाट बिजली स्थानांतरित करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर ₹18,598 करोड़ खर्च किए जाने का अनुमान है।

पार्क का भू-भाग और डिवेलपर्स

हाइब्रिड पवन-सौर ऊर्जा क्षेत्र

पार्क का मुख्य हाइब्रिड पवन-सौर क्षेत्र 49,600 हेक्टेयर में फैला है। इसमें प्रमुख डेवलपर्स और उनकी आवंटित भूमि इस प्रकार है:

  • अदाणी ग्रीन एनर्जी: 19,000 हेक्टेयर, अनुमत क्षमता 9,500 मेगावाट
  • सरजन रियल्टीज: 9,500 हेक्टेयर, अनुमत क्षमता 4,750 मेगावाट
  • एनटीपीसी: 9,500 हेक्टेयर, अनुमत क्षमता 4,750 मेगावाट
  • गुजरात इंडस्ट्रीज पावर कंपनी: 4,750 हेक्टेयर, अनुमत क्षमता 2,375 मेगावाट
  • गुजरात राज्य विद्युत निगम: 6,650 हेक्टेयर, अनुमत क्षमता 3,325 मेगावाट

पवन ऊर्जा क्षेत्र

पवन ऊर्जा क्षेत्र में कुल 23,000 हेक्टेयर जमीन सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को आवंटित की गई है। इस क्षेत्र की अनुमत क्षमता 11,500 मेगावाट है।

परियोजना की शुरुआत और आधारशिला

गुजरात सरकार ने इस पार्क के प्रस्ताव को 9 सितंबर 2020 को मंजूरी दी थी। उस समय कुल 60,000 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई थी और प्रस्ताव में 41.5 GW क्षमता का जिक्र था।

15 दिसंबर 2020 को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परियोजना की आधारशिला रखी। पार्क तक पहुंचने के लिए 30 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी किया गया।

अदाणी की भूमिका

मार्च 2024 तक अदाणी ग्रीन एनर्जी ने 1 GW क्षमता चालू कर दी थी। इसके लिए 2.4 मिलियन फोटोवोल्टिक मॉड्यूल स्थापित किए गए। अदाणी ग्रीन एनर्जी ने 2.1 GW क्षमता के निर्माण के लिए फंड सुरक्षित कर लिया है। इस परियोजना के तहत सौर और पवन ऊर्जा के संयोजन से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। यह भारत को विश्व में रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में अग्रणी बनाने में मदद करेगा।

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