तमिलनाडु की राजनीति में विजय का नया दांव: किसानों और मछुआरों के मुद्दों को बनाया चुनावी एजेंडा

तमिलनाडु की राजनीति में विजय का नया दांव: किसानों और मछुआरों के मुद्दों को बनाया चुनावी एजेंडा

Vijay इन दिनों Tamil Nadu की राजनीति में काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। अभिनेता और Tamilaga Vettri Kazhagam (टीवीके) प्रमुख विजय ने किसानों और मछुआरों को साधने की कोशिश की, जिसके साथ ही उनकी फिल्म Jananayagan को लेकर उठा विवाद भी फिर चर्चा में आ गया।

चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने Vijay ने अपने राजनीतिक अभियान को नई दिशा देते हुए किसानों और मछुआरों की आजीविका को मुख्य चुनावी मुद्दा बना दिया है। उनकी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (टीवीके) आगामी 2026 Tamil Nadu Legislative Assembly election को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण और तटीय समुदायों को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।

हाल ही में तमिलनाडु के कृषि प्रधान क्षेत्र Thanjavur में आयोजित एक बड़ी जनसभा में विजय ने किसानों और मछुआरों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि यदि टीवीके को सत्ता मिलती है तो किसानों और मछुआरों की समस्याओं का समाधान उनकी सरकार की प्राथमिकता होगा। विजय ने अपने संबोधन में कृषि संकट, भूजल की कमी, अवैध रेत खनन और बढ़ते सरकारी कर्ज जैसे मुद्दों को उठाते हुए राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए।

किसानों के लिए बड़े वादे

रैली के दौरान विजय ने किसानों के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी दिखाया। उन्होंने कहा, अगर मुझे अगला जन्म मिलता है तो मैं किसान परिवार में जन्म लेना चाहूंगा। किसान प्रकृति के साथ मिलकर दुनिया को हरा-भरा और सुंदर बनाते हैं। उन्होंने घोषणा की कि यदि टीवीके सरकार बनाती है तो पांच एकड़ तक जमीन रखने वाले किसानों के सहकारी ऋण पूरी तरह माफ कर दिए जाएंगे। वहीं पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों के लिए ऋण में 50 प्रतिशत तक राहत देने की संभावना पर विचार किया जाएगा।

इसके अलावा विजय ने कृषि क्षेत्र के लिए कई अन्य योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, पर्याप्त धान खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे और किसानों से अवैध कमीशन मांगने वाले बिचौलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी वादा किया कि भूमिहीन किसानों और दो एकड़ तक जमीन वाले किसानों के बच्चों की शिक्षा के लिए पूरी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ग्रामीण परिवारों के बच्चों को बेहतर अवसर मिल सकें।

मछुआरों की आजीविका पर फोकस

तमिलनाडु के तटीय इलाकों में मछली पकड़ने का व्यवसाय हजारों परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। विजय ने कहा कि मछुआरों की सुरक्षा, समुद्री संसाधनों की रक्षा और उनकी आय बढ़ाने के लिए विशेष नीतियां बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि तटीय समुदायों को अक्सर प्रशासनिक चुनौतियों और सीमित संसाधनों का सामना करना पड़ता है, इसलिए उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक समर्पित नीति ढांचा तैयार किया जाएगा।

रैली के दौरान विजय की आगामी फिल्म Jananayagan को लेकर चल रहा विवाद भी चर्चा में रहा। विजय ने कहा कि फिल्म अभी तक रिलीज नहीं हो पाई है क्योंकि इसे Central Board of Film Certification (सीबीएफसी) से प्रमाणन नहीं मिला है। उन्होंने दावा किया कि फिल्म की रिलीज में देरी उस राजनीतिक माहौल से जुड़ी है, जो Karur में हुई एक रैली के दौरान भगदड़ की घटना के बाद बना। उस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी और इसके बाद मामले की जांच Central Bureau of Investigation (सीबीआई) को सौंपी गई थी।

हालांकि विजय ने किसी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि उनकी राजनीतिक प्रगति और फिल्म दोनों को रोकने की कोशिश की जा रही है।

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