Raisina Dialogue 2026: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे उद्घाटन; जानिए क्यों है यह खास

Raisina Dialogue 2026: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे उद्घाटन; जानिए क्यों है यह खास

नई दिल्ली में आज से भारत के सबसे बड़े भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक सम्मेलन, Raisina Dialogue की शुरुआत हो रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi गुरुवार को इसके 11वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे।

नई दिल्ली: आज से Raisina Dialogue 2026 का 11वां संस्करण शुरू हो रहा है। इस वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। तीन दिवसीय कार्यक्रम 5 मार्च से 7 मार्च तक चलेगा और इसमें दुनिया भर से लगभग 110 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।

उद्घाटन सत्र और मुख्य अतिथि

इस वर्ष के रायसीना डायलॉग में अलेक्जेंडर स्टब, फिनलैंड के राष्ट्रपति, उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और अपने विचार साझा करेंगे। इस सम्मेलन का आयोजन Observer Research Foundation और भारत के विदेश मंत्रालय की साझेदारी में किया जा रहा है। यह मंच अब वैश्विक भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक चर्चाओं में एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

सम्मेलन में लगभग 2,700 प्रतिभागियों के व्यक्तिगत रूप से शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा, कार्यक्रम को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा, जिससे लाखों लोग इसे ऑनलाइन देख सकेंगे।

रायसीना डायलॉग 2026 की थीम

इस साल की थीम रखी गई है – ‘संस्कार: दावा, समायोजन, उन्नति’। तीन दिनों के दौरान छह मुख्य विषयों पर चर्चाएं होंगी, जिनमें शामिल हैं:

  • वैश्विक शक्ति संतुलन और अंतरराष्ट्रीय गठबंधन
  • जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियां
  • तकनीकी विकास और डिजिटल दुनिया में बदलाव
  • व्यापार और अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दे
  • पारंपरिक और तकनीकी शक्ति (Technopolar World) के बीच तनाव
  • विकसित भारत के लिए दीर्घकालिक रणनीति

विशेषज्ञों का कहना है कि यह सम्मेलन वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका और रणनीतिक महत्व को उजागर करने का एक प्रमुख मंच है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी और शामिल देश

रायसीना डायलॉग में इस बार 110 देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसमें कई देश के मंत्री, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष, सांसद और सैन्य कमांडर हिस्सा ले रहे हैं। कुछ प्रमुख विदेशी अतिथि निम्नलिखित हैं:

  • इयान बोर्ग, माल्टा के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री
  • ल्योंपो डी एन ढुंग्येल, भूटान के विदेश मंत्री
  • धनंजय रामफुल, मॉरीशस के विदेश मंत्री
  • बैरी फौरे, सेशेल्स के विदेश मंत्री
  • विजिथा हेराथ, श्रीलंका के विदेश मंत्री

इन प्रतिनिधियों के शामिल होने से रायसीना डायलॉग को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और मजबूती मिली है। सम्मेलन का समापन ‘विकसित भारत 2047’ विजन पर चर्चा के साथ होगा। इसका लक्ष्य भारत की स्वतंत्रता के 100 साल पूरे होने तक देश को एक विकसित और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बनाना है। इस दौरान नीति निर्माता, उद्योगपति और रणनीतिक विशेषज्ञ भारत के दीर्घकालिक विकास के रोडमैप पर चर्चा करेंगे।

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