IIM नागपुर में अनुशासन को लेकर विवाद गहराया है, जहां 40 छात्रों को बिना अनुमति कैंपस से बाहर जाने के कारण मिडटर्म परीक्षा से रोका गया। इस कार्रवाई के विरोध में करीब 60 छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार किया। प्रशासन ने नियमों और सुरक्षा का हवाला देते हुए छात्रों को बाद में परीक्षा देने का अवसर देने की बात कही।
IIM Nagpur Controversy: छात्रों और प्रशासन के बीच अनुशासन को लेकर टकराव का नया मामला सामने आया है। 21 फरवरी की रात लगभग 75 छात्रों ने बिना अनुमति कैंपस से बाहर भोजन किया, जिससे 40 छात्रों को मिडटर्म परीक्षा में बैठने से रोका गया। विरोध स्वरूप करीब 60 छात्रों ने खुद भी परीक्षा का बहिष्कार किया। संस्थान का कहना है कि नियम उल्लंघन और सुरक्षा कारणों से यह कदम जरूरी था, हालांकि छात्रों को बाद में परीक्षा देने का अवसर दिया जाएगा।
विवाद की शुरुआत कैंपस से बाहर जाना
21 फरवरी की रात लगभग 75 छात्रों ने कैंपस से बाहर भोजन करने के लिए अनुमति के बिना बाहर जाना चुना। छात्रों का कहना है कि यह एक अनौपचारिक कार्यक्रम था और क्लबों ने प्रशासन को पहले ही जानकारी दी थी। लेकिन लौटने पर छात्रों को मुख्य गेट पर रोक दिया गया और अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। फर्स्ट ईयर और फाइनल ईयर के छात्र दोनों इस समूह में शामिल थे।
अगले दिन 40 छात्रों को ईमेल के माध्यम से सूचित किया गया कि वे 24 और 25 फरवरी को होने वाली मिडटर्म परीक्षा में नहीं बैठ सकते। इस कदम ने छात्रों में नाराजगी बढ़ा दी और उन्हें प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाने के लिए मजबूर किया।

छात्रों का विरोध और बहिष्कार
छात्रों ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए विरोध करना शुरू किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम उनके एमबीए का अंतिम चरण था और इसे सिर्फ विदाई जैसा माना जाना चाहिए। फर्स्ट ईयर की छात्राओं के साथ हुए कथित अनुचित व्यवहार के कारण वरिष्ठ छात्रों ने उनका समर्थन किया। परिणामस्वरूप लगभग 60 छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार किया और कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया।
छात्रों का आरोप है कि कुछ साथियों को एमबीए कार्यक्रम से निलंबित कर दिया गया और उन्हें उनके क्लब या पदों से भी हटा दिया गया। सोशल मीडिया पर भी छात्रों ने प्रशासन के इस कदम पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मिडटर्म परीक्षा कुल मूल्यांकन का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है और इससे उनके अकादमिक प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।
संस्थान का पक्ष नियम और सुरक्षा
आईआईएम नागपुर के अधिकारियों ने कहा कि छात्रों ने बिना अनुमति कैंपस से बाहर रहकर नियमों का उल्लंघन किया। प्रशासन ने बताया कि आउटिंग रजिस्टर में सही जानकारी नहीं दी गई थी और संबंधित अधिकारियों से अनुमति भी नहीं ली गई थी।
संस्थान ने स्पष्ट किया कि ये नियम छात्रों की सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जिन छात्रों को परीक्षा से रोका गया था, उन्हें बाद में परीक्षा देने का अवसर दिया जाएगा।











