भारतीय क्रिकेट टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में 4 विकेट से हार झेलनी पड़ी। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 358 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, लेकिन इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज इस लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके और साउथ अफ्रीका ने आखिरी ओवर में मुकाबला अपने नाम कर लिया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में 4 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 358 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, लेकिन इसके बावजूद दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लक्ष्य को अंतिम ओवर में हासिल कर लिया। इस जीत के साथ तीन मैचों की वनडे सीरीज अब 1-1 से बराबरी पर आ गई है।
यह जीत दक्षिण अफ्रीका की विदेश में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत साबित हुई, जबकि भारत के लिए यह साल 2025 में घरेलू मैदान पर पहली वनडे हार रही।
एडेन मार्करम की शानदार शतकीय पारी ने पलटा मैच
दक्षिण अफ्रीका की जीत के सबसे बड़े हीरो कप्तान एडेन मार्करम रहे, जिन्होंने दबाव में शानदार 110 रन की शतकीय पारी खेली। उन्होंने न केवल रन गति को बनाए रखा, बल्कि कठिन समय में जिम्मेदारी भी संभाली। उनके अलावा मैथ्यू ब्रीट्जके ने 68 रन, डेवाल्ड ब्रेविस ने 54 रन और कप्तान टेम्बा बावुमा ने 46 रन का अहम योगदान दिया।
भारतीय गेंदबाज इस बड़े स्कोर का बचाव करने में पूरी तरह असफल रहे। अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा ने जरूर 2-2 विकेट झटके, लेकिन बाकी गेंदबाज दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के सामने बेअसर साबित हुए। आखिरी ओवर तक मुकाबला रोमांचक बना रहा, लेकिन अंत में बाजी मेहमान टीम के हाथ लगी।

विराट कोहली और रुतुराज गायकवाड़ के शतकों से भारत पहुंचा 358 तक
इससे पहले भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 358 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली और युवा ओपनर रुतुराज गायकवाड़ ने शानदार शतक जड़ते हुए भारतीय पारी की नींव रखी। विराट कोहली ने 93 गेंदों में 102 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। यह उनके वनडे करियर का 53वां शतक रहा।
वहीं रुतुराज गायकवाड़ ने 83 गेंदों में 105 रन की पारी खेलते हुए अपने वनडे करियर का पहला शतक पूरा किया। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 195 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी हुई, जो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे में भारत की इस विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बन गई।
केएल राहुल की तूफानी फिनिशिंग
कप्तान केएल राहुल ने अंत में आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 43 गेंदों में नाबाद 66 रन बनाए। उनकी पारी में 6 चौके और 2 छक्के शामिल थे, जिसने भारत को 350 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारत की शुरुआत हालांकि अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा 14 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि यशस्वी जायसवाल ने 22 रन की पारी खेली। इसके बाद कोहली और गायकवाड़ ने पारी को संभाला और रन गति को लगातार बढ़ाया।
शुरुआत में संभलकर खेलने वाले रुतुराज गायकवाड़ ने एक बार लय में आने के बाद मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट खेले। उन्होंने स्पिन और तेज दोनों गेंदबाजों के खिलाफ आत्मविश्वास से स्ट्रोक लगाए। गायकवाड़ ने केशव महाराज और कोर्बिन बॉश के ओवरों में लगातार बाउंड्री लगाकर दबाव को पूरी तरह खत्म कर दिया।
उन्होंने केवल 77 गेंदों में अपना पहला वनडे शतक पूरा किया, जो उनके करियर का एक यादगार पल रहा। हालांकि शतक पूरा करने के तुरंत बाद वह आउट हो गए, लेकिन तब तक भारत मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।

बड़ा स्कोर भी नहीं बचा सके भारतीय गेंदबाज
358 रन बनाने के बावजूद भारतीय गेंदबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही। गेंदबाजों को शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण नहीं मिल पाया। डेथ ओवर्स में रन रोकना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हुई। दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए बेहतरीन संयम और आक्रामकता का मिश्रण दिखाया।
मार्करम की कप्तानी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया। उन्होंने स्ट्राइक रोटेट करने के साथ-साथ समय-समय पर बड़े शॉट लगाए, जिससे रन रेट नियंत्रण में रहा। इस हार के साथ तीन मैचों की सीरीज अब 1-1 से बराबर हो चुकी है और अब तीसरा मुकाबला निर्णायक बनने जा रहा है।











