इस हफ्ते शेयर बाजार में आईटी शेयरों की बिकवाली से निफ्टी 25,178 और सेंसेक्स 81,287 अंक पर गिरा। मिडकैप और स्मॉलकैप ने हल्की बढ़त दर्ज की। निवेशक एआई तकनीक और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को लेकर सतर्क रहे।
Market This Week: भारतीय शेयर बाजार ने इस हफ्ते मजबूती दिखाने में असफल रहा। शुक्रवार को कारोबार के अंत में निफ्टी-50 और बीएसई सेंसेक्स दोनों में गिरावट दर्ज की गई। खासतौर पर आईटी सेक्टर में आई गिरावट ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। हालांकि बैंकिंग और ऑटो जैसे सेक्टर में बिकवाली से भी इंडेक्स पर असर पड़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई तकनीक के बढ़ते उपयोग और इसके संभावित असर की चिंता से आईटी शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
निफ्टी-50 इंडेक्स शुक्रवार को 1.25 प्रतिशत गिरकर 25,178.65 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 1.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,287.19 अंक पर बंद हुआ। फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में 1.6 प्रतिशत की कमजोरी रही, जिससे बाजार में दबाव और बढ़ गया।
IT सेक्टर की भारी गिरावट
फरवरी में आईटी इंडेक्स में 19.5 प्रतिशत की गिरावट आई, जो सितंबर 2008 के बाद इसका सबसे खराब मासिक प्रदर्शन है। इस महीने आईटी इंडेक्स की 10 प्रमुख कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में करीब 62.8 अरब डॉलर की कमी हुई। इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका की कंपनियों जैसे एंथ्रोपिक और पैलेंटिर द्वारा एआई ऑटोमेशन टूल्स की घोषणा और इसके संभावित असर की आशंका रही।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "हालिया गिरावट के बाद आईटी शेयरों में चुनिंदा स्तरों पर हल्की खरीदारी दिख रही है। लेकिन व्यापक रुझान अभी भी कमजोर है। विदेशी संस्थागत निवेशक सतर्क बने हुए हैं और उतार-चढ़ाव फिर बढ़ सकता है।"
अन्य सेक्टरों में बढ़त
आईटी सेक्टर को छोड़कर अन्य 14 प्रमुख सेक्टरों ने मासिक आधार पर बढ़त दर्ज की। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 1.2 प्रतिशत और 0.3 प्रतिशत चढ़े। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शेयरों में 8.9 प्रतिशत की तेजी आई, जिसकी अगुआई देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने की।
एसबीआई का शेयर फरवरी में 11.6 प्रतिशत बढ़ा और मार्च 2025 के बाद अपना सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन दर्ज किया। मजबूत तिमाही नतीजों और उम्मीदों के चलते इस तेजी को बल मिला। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु सूचकांक भी 9.3 प्रतिशत उछला क्योंकि सरकार की कर कटौती से मांग में बढ़ोतरी और बेहतर कमाई की उम्मीद बनी।
कंपनियों के नतीजे और मुनाफा
फरवरी में निफ्टी 50 कंपनियों ने दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 7.5 प्रतिशत मुनाफा वृद्धि दर्ज की। वहीं बीएसई 500 इंडेक्स की कंपनियों का लाभ 16 प्रतिशत बढ़ा। हालांकि श्रम कानून से जुड़े एकमुश्त समायोजन का असर भी इन आंकड़ों में दिखा।
मजबूत तिमाही नतीजों के दम पर अपोलो हॉस्पिटल्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और आयशर मोटर्स क्रमशः 12.4 प्रतिशत, 7 प्रतिशत और 12.5 प्रतिशत बढ़े। निवेशकों की नजर अब बाजार बंद होने के बाद जारी होने वाले दिसंबर तिमाही के जीडीपी आंकड़ों पर है। ये आंकड़े नई सीरीज के तहत जारी होंगे, जिसमें आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है।
वैश्विक बाजारों का रुख
वैश्विक बाजारों में भी एशियाई इंडेक्स में मिला-जुला रुख रहा। अमेरिका में टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट और यूरोपीय व्यापार समझौते की खबरों का मिश्रित असर दिखा। अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते से उम्मीद जगी, जबकि एआई ऑटोमेशन टूल्स की बढ़ती चर्चा ने आईटी शेयरों में दबाव बनाया।
भारत ने हाल ही में यूरोपीय संघ के साथ महत्वपूर्ण व्यापार समझौता किया है और अमेरिका के साथ भी अंतरिम ढांचा तय किया है। इसके बावजूद आईटी सेक्टर पर दबाव बना रहा क्योंकि निवेशक एआई के प्रभाव से cautious रहे।












