तेज प्रताप यादव ने कांग्रेस पर राम, कृष्ण और महादेव का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने तिलक परंपरा, धार्मिक आस्था और महिलाओं पर टिप्पणी के मुद्दे पर कांग्रेस और विरोधियों पर तीखा हमला किया।
Bihar: पटना की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने कांग्रेस पार्टी पर बड़ा हमला बोलते हुए उसे खुले तौर पर राम विरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा हिंदू आस्था के प्रतीकों का अपमान किया है और उसके नेता धार्मिक परंपराओं से दूरी बनाए रखते हैं। तेज प्रताप यादव का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
तेज प्रताप यादव ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हर मौके पर भगवान राम, श्रीकृष्ण और महादेव की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सोच हमेशा से ही सनातन परंपराओं के खिलाफ रही है और यही वजह है कि जनता अब धीरे-धीरे उनकी सच्चाई समझ रही है।
गिरिराज सिंह के बयान का समर्थन
तेज प्रताप यादव ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के हालिया बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने बिल्कुल सही बात कही है। दरअसल, गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि वह मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलकर वीबी-जी राम जी अधिनियम किए जाने के प्रस्ताव का विरोध कर रही है। गिरिराज सिंह का कहना था कि कांग्रेस को इस योजना में भगवान राम का नाम जोड़े जाने से आपत्ति है।
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि कांग्रेस की परेशानी भगवान राम के नाम से है। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है क्योंकि कांग्रेस का इतिहास हमेशा से ही धार्मिक आस्थाओं के खिलाफ रहा है। तेज प्रताप यादव ने कहा कि देश की जनता अब यह समझने लगी है कि कौन आस्था का सम्मान करता है और कौन केवल राजनीति करता है।
चंदन तिलक पर टिप्पणी
तेज प्रताप यादव ने कांग्रेस नेताओं की धार्मिक पहचान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता कभी अपने माथे पर चंदन का तिलक नहीं लगाते। उनका कहना था कि यह भारतीय संस्कृति का हिस्सा है और नेताओं को इसे अपनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तिलक लगाना किसी धर्म को ठेस पहुंचाना नहीं है बल्कि यह हमारी परंपरा और आस्था का प्रतीक है। तेज प्रताप यादव ने यह भी जोड़ा कि आस्था दिखाने से कोई छोटा या बड़ा नहीं हो जाता बल्कि इससे जनता के साथ जुड़ाव मजबूत होता है।
सभी धर्मों के सम्मान की बात
हालांकि अपने कड़े बयान के बीच तेज प्रताप यादव ने संतुलन भी दिखाया। उन्होंने साफ कहा कि वह सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी भाई हैं और देश की एकता इसी विविधता में छिपी है।
तेज प्रताप यादव ने कहा कि किसी भी धर्म का अपमान गलत है और राजनीति के लिए धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश तभी आगे बढ़ेगा जब सभी समुदायों को समान सम्मान मिलेगा और नफरत की राजनीति से दूरी बनाई जाएगी।
महिलाओं पर टिप्पणी का कड़ा विरोध
तेज प्रताप यादव ने उत्तराखंड की एक मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहार की महिलाओं पर की गई टिप्पणी को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने इस बयान को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
तेज प्रताप यादव ने मांग की कि गिरधारी लाल साहू के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार की महिलाओं का अपमान पूरे राज्य का अपमान है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
माफी को बताया नाकाफी
तेज प्रताप यादव ने साफ कहा कि केवल माफी मांग लेना इस मामले में पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर माफी किससे मांगी जा रही है। उन्होंने कहा कि क्या बिहार की बेटियों ने उन्हें माफ कर दिया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर सच में माफी मांगनी है तो गिरधारी लाल साहू को बिहार आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। तेज प्रताप यादव ने कहा कि शब्दों से ज्यादा जरूरी है कि दोषियों को उनके कृत्य की सजा मिले ताकि भविष्य में कोई इस तरह की भाषा इस्तेमाल करने की हिम्मत न करे।










