सकट चौथ 2026 का व्रत 6 जनवरी को रखा जा रहा है, जिसमें सुबह 46 मिनट का भद्रा काल रहेगा। भद्रा के बाद पूजा के कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। व्रत का समापन रात 8:54 बजे चंद्र दर्शन और अर्घ्य के साथ होगा।
Sakat Chauth 2026 Puja Muhurat: माघ कृष्ण चतुर्थी के अवसर पर सकट चौथ का व्रत मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को देशभर में श्रद्धा के साथ रखा जा रहा है। पंचांग के अनुसार, सुबह 7:15 से 8:01 बजे तक भद्रा काल रहेगा, इसलिए इस दौरान पूजा और संकल्प से बचने की सलाह दी गई है। यह व्रत संतान की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए माताओं द्वारा रखा जाता है। भद्रा समाप्त होने के बाद दिन में अभिजीत मुहूर्त और शाम के प्रदोष काल में पूजा शुभ मानी गई है। रात 8:54 बजे चंद्रमा के उदय के बाद व्रत का पारण किया जाएगा।
सकट चौथ 2026 की तिथि और व्रत का महत्व
पंचांग के अनुसार, माघ कृष्ण चतुर्थी तिथि आज सुबह 8 बजकर 1 मिनट से शुरू होकर 7 जनवरी की सुबह 6 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर सकट चौथ का व्रत आज, 6 जनवरी को रखा जा रहा है।
मान्यता है कि इस दिन गणेश जी और चंद्र देव की विशेष पूजा की जाती है। माताएं पूरे दिन निर्जल या फलाहार व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलती हैं। लोक परंपराओं में तिल और गुड़ से बने प्रसाद का विशेष महत्व माना गया है।
सकट चौथ पर 46 मिनट का भद्रा काल
इस साल सकट चौथ पर भद्रा काल का साया भी रहेगा, हालांकि यह ज्यादा देर तक नहीं रहेगा। पंचांग के मुताबिक, आज सुबह 7 बजकर 15 मिनट से 8 बजकर 1 मिनट तक लगभग 46 मिनट का भद्रा काल रहेगा।
भद्रा काल को पूजा-पाठ, हवन या किसी भी शुभ कार्य के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान किए गए धार्मिक या मांगलिक कार्यों का पूरा फल नहीं मिलता। इसलिए जो लोग सुबह स्नान के बाद पूजा या व्रत का संकल्प लेते हैं, उन्हें इस समय से बचने की सलाह दी जाती है।
हालांकि राहत की बात यह है कि चतुर्थी तिथि की शुरुआत भद्रा काल समाप्त होने के बाद हो रही है। ऐसे में मुख्य पूजा और व्रत संबंधी कर्मकांड भद्रा के बाहर ही किए जाएंगे।

सकट चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त
भद्रा समाप्त होने के बाद सकट चौथ की पूजा के लिए दिन में कई शुभ समय उपलब्ध रहेंगे।
सुबह के समय भद्रा खत्म होने के बाद पूजा की जा सकती है। इसके अलावा दोपहर में अभिजीत मुहूर्त विशेष रूप से शुभ माना जाता है। आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इस दौरान गणेश जी की पूजा, व्रत कथा और तिल से बने भोग अर्पित किए जा सकते हैं।
शाम के समय प्रदोष काल में पूजा करना भी शुभ फलदायी माना जाता है। आज प्रदोष काल शाम 4 बजकर 9 मिनट से 6 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। इस समय दीपदान और गणेश मंत्रों का जाप विशेष फल देता है।
सकट चौथ पर बन रहे शुभ योग
आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास माना जा रहा है। सकट चौथ के दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जो पूजा और व्रत के प्रभाव को और बढ़ा सकते हैं।
आज अमृत काल सुबह 10 बजकर 46 मिनट से रात 12 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किए गए धार्मिक कार्यों को अत्यंत शुभ माना जाता है।
इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी आज सुबह 7 बजकर 15 मिनट से रात 12 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्यों में सफलता और मनोकामना पूर्ति की संभावना बढ़ जाती है।
सकट चौथ पर चांद निकलने का समय
सकट चौथ का व्रत चंद्र दर्शन के बिना पूरा नहीं माना जाता। पूरे दिन व्रत रखने के बाद रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत खोला जाता है।
पंचांग के अनुसार, आज रात चंद्रमा का उदय रात 8 बजकर 54 मिनट पर होगा। चांद निकलने के बाद माताएं चंद्र देव को जल, दूध या अक्षत अर्पित करती हैं और फिर संतान के कल्याण की कामना करती हैं।
पूजा से जुड़ी सावधानियां
सकट चौथ पर पूजा करते समय भद्रा काल का विशेष ध्यान रखें। सुबह 7:15 से 8:01 के बीच पूजा, संकल्प या व्रत आरंभ करने से बचें। इसके अलावा चंद्र दर्शन से पहले व्रत न खोलें।
परंपरा के अनुसार, इस दिन तिल, गुड़, मूंगफली और शकरकंदी जैसे पदार्थों का दान भी शुभ माना जाता है। कई स्थानों पर महिलाएं शाम के समय कथा सुनती हैं और परिवार के साथ पूजा करती हैं।










