अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला में सत्ता संकट पैदा हो गया। शीर्ष अदालत ने डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया है। वह हालात सामान्य होने तक जिम्मेदारी संभालेंगी।
America: वेनेजुएला इस समय अपने इतिहास के सबसे गंभीर राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स की गिरफ्तारी के बाद देश में सत्ता का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है। इस घटनाक्रम के बाद वेनेजुएला की शीर्ष अदालत ने बड़ा फैसला लेते हुए उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त कर दिया है। जब तक देश में स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक वही राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालेंगी। इस फैसले के साथ ही डेल्सी रोड्रिग्ज एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में आ गई हैं।
अमेरिकी कार्रवाई से मचा हड़कंप
2 और 3 जनवरी की दरमियानी रात अमेरिका ने वेनेजुएला में बड़ा सैन्य ऑपरेशन किया। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के करीब 150 एयरक्राफ्ट एक साथ वेनेजुएला की सीमा में दाखिल हुए। इसके बाद अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के आवास पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस ऑपरेशन में केवल मादुरो ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को भी हिरासत में ले लिया गया। इस घटना के बाद पूरे देश में तनाव का माहौल बन गया और राजनीतिक अस्थिरता और गहरा गई।
राष्ट्रपति पद खाली होते ही अदालत का आदेश
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला में राष्ट्रपति पद अचानक खाली हो गया। देश में संवैधानिक संकट पैदा हो सकता था, इसलिए शीर्ष अदालत ने तत्काल हस्तक्षेप किया। अदालत ने आदेश दिया कि मौजूदा उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया जाए। अदालत का कहना है कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते और वैधानिक प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक डेल्सी रोड्रिग्ज ही देश की राष्ट्रपति रहेंगी। इस फैसले को सत्ता में निरंतरता बनाए रखने के तौर पर देखा जा रहा है।
डेल्सी रोड्रिग्ज बनेंगी वेनेजुएला की राष्ट्रपति
डेल्सी रोड्रिग्ज का नाम पहले से ही वेनेजुएला की राजनीति में काफी प्रभावशाली माना जाता रहा है। राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी भूमिका और भी अहम हो गई है। देश के आर्थिक संकट, अंतरराष्ट्रीय दबाव और आंतरिक असंतोष के बीच डेल्सी रोड्रिग्ज के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्थिरता बनाए रखने की होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नियुक्ति केवल औपचारिक नहीं, बल्कि आने वाले समय में वेनेजुएला की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है।
कौन हैं डेल्सी रोड्रिग्ज

56 वर्षीय डेल्सी रोड्रिग्ज का जन्म 18 मई 1969 को वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हुआ था। वह जन्म से ही काराकास की रहने वाली हैं। उनके पिता जॉर्ज एंटोनियो रोड्रिग्ज वामपंथी गुरिल्ला लड़ाके थे। उन्होंने 1970 के दशक में क्रांतिकारी लीगा सोशलिस्टा पार्टी की स्थापना की थी। राजनीतिक संघर्ष और विचारधारा डेल्सी को विरासत में मिली, जिसका असर उनके पूरे करियर में साफ दिखाई देता है।
शिक्षा और शुरुआती जीवन
डेल्सी रोड्रिग्ज ने वेनेजुएला की सेंट्रल यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई की और कानून की डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले वह एक वकील के रूप में काम कर चुकी हैं। पढ़ाई के दिनों से ही वह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में सक्रिय रहीं। इसके अलावा उन्हें फैशन डिजाइनिंग का भी शौक है, जो उनके व्यक्तित्व का एक अलग पक्ष दिखाता है।
तेजी से उभरी ताकतवर नेता
पिछले एक दशक में डेल्सी रोड्रिग्ज ने वेनेजुएला की राजनीति में तेजी से तरक्की की है। उन्होंने खुद को एक मजबूत और प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित किया। सरकार के भीतर और निजी क्षेत्र में भी उनका खासा प्रभाव माना जाता है। वह न केवल राजनीतिक फैसलों में, बल्कि आर्थिक रणनीतियों में भी अहम भूमिका निभाती रही हैं।
आर्थिक नीतियों में अहम भूमिका
डेल्सी रोड्रिग्ज के पास वित्त और तेल मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी रहा है। वेनेजुएला लंबे समय से अत्यधिक मुद्रास्फीति और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए डेल्सी ने कई पारंपरिक आर्थिक नीतियों को अपनाया। उन्होंने निजी क्षेत्र को सीमित राहत देने और मुद्रा संकट को नियंत्रित करने के लिए कई कड़े फैसले लिए। इन नीतियों को लेकर उनकी आलोचना भी हुई, लेकिन समर्थकों का मानना है कि उन्होंने हालात संभालने की पूरी कोशिश की।
मादुरो के साथ राजनीतिक सफर
निकोलस मादुरो ने डेल्सी रोड्रिग्ज के राजनीतिक करियर में अहम भूमिका निभाई। उनके समर्थन से ही डेल्सी सरकार के शीर्ष पदों तक पहुंचीं। डेल्सी के आने से संविधान सभा में मादुरो की पकड़ और मजबूत हुई। मादुरो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुद डेल्सी रोड्रिग्ज के उपराष्ट्रपति बनने की घोषणा की थी।










