खगड़िया। जिले में केला रेशा उत्पादन के माध्यम से ग्रामीण उद्योग को बढ़ावा देने की पहल शुरू की गई है। इस योजना के तहत खासतौर पर महिलाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए महिलाओं को एक महीने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे केला रेशा से जुड़े उत्पाद तैयार कर सकें।
जानकारी के अनुसार, केला रेशा से कई प्रकार के उपयोगी उत्पाद बनाए जा सकते हैं, जैसे बैग, चटाई, रस्सी और अन्य हस्तशिल्प सामग्री। इन उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग भी है। ऐसे में इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का रास्ता खुल सकता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को केला के तने से रेशा निकालने की तकनीक, उसे प्रोसेस करने की विधि और उससे विभिन्न उत्पाद तैयार करने की जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें यह भी बताया जाएगा कि तैयार उत्पादों की मार्केटिंग कैसे की जाए, ताकि उन्हें बेहतर आय मिल सके।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। खासकर उन महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा, जो घर के पास ही रहकर काम करना चाहती हैं।
प्रशासन और संबंधित विभागों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। साथ ही इससे जिले में स्वरोजगार और ग्रामीण उद्योग के विकास को भी नई दिशा मिलेगी।











