पटना में बीजेपी कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों में चिराग पासवान को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठी है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच इस मुद्दे ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।
Patna: बिहार की राजनीति में इन दिनों नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेजी से बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकर्ताओं ने चिराग पासवान को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठाकर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
पटना में भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय के बाहर लगाए गए पोस्टरों ने इस चर्चा को और हवा दे दी है। इन पोस्टरों में साफ तौर पर चिराग पासवान को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने की अपील की गई है। पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर लगातार चर्चा हो रही है।
बीजेपी कार्यालय के बाहर लगे चिराग के समर्थन में पोस्टर
पटना में बीजेपी कार्यालय के बाहर चिराग पासवान के समर्थन में कई पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के सामने आने के बाद लोगों का ध्यान इस तरफ गया और देखते ही देखते यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया।
पोस्टर में लिखा गया है कि “ना दंगा ना फसाद हो, बिहार का CM सिर्फ चिराग हो।” इस नारे के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि चिराग पासवान के नेतृत्व में बिहार में शांति और विकास का नया दौर शुरू हो सकता है।
पोस्टर सामने आने के बाद यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या वास्तव में एनडीए के भीतर चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर माहौल बन रहा है या फिर यह केवल कार्यकर्ताओं की मांग है।
पोस्टर में ‘स्वर्ण काल’ लाने की बात
इन पोस्टरों में चिराग पासवान को बिहार के भविष्य के नेता के रूप में पेश करने की कोशिश की गई है। पोस्टर में लिखा गया है कि “सजाओ इनके सर पर ताज, तभी आएगा बिहार में स्वर्ण काल।”
इस संदेश के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि अगर चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो बिहार में विकास और नई राजनीति का दौर शुरू हो सकता है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि युवा नेतृत्व से राज्य को नई दिशा मिल सकती है।
‘मोदी के हनुमान’ के रूप में पेश किए गए चिराग

पोस्टरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया गया है। इसमें लिखा गया है कि “मोदी जी का मिला अपने हनुमान को आशीर्वाद, चिराग होंगे बिहार के नए सरताज।”
इस संदेश के जरिए चिराग पासवान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी नेता के रूप में प्रस्तुत किया गया है। राजनीति में चिराग पासवान पहले भी खुद को मोदी का हनुमान बता चुके हैं। उसी छवि को ध्यान में रखते हुए पोस्टर में यह संदेश दिया गया है।
इस तरह के पोस्टरों का उद्देश्य यह दिखाना भी माना जा रहा है कि चिराग पासवान एनडीए के भीतर एक मजबूत और भरोसेमंद नेता हैं।
बिहार में युवा मुख्यमंत्री की मांग
पोस्टरों में एक और अहम बात लिखी गई है कि “बिहार मांगे चिराग, वक्त अब आ गया है युवा मुख्यमंत्री बनाने का।”
इस लाइन के जरिए यह संदेश दिया गया है कि बिहार की राजनीति में अब युवा नेतृत्व को मौका मिलना चाहिए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि राज्य को नई सोच और नई ऊर्जा की जरूरत है और इसके लिए युवा नेता सबसे बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
चिराग पासवान को पहले से ही एक युवा और आक्रामक नेता के रूप में देखा जाता है। इसलिए उनके समर्थक उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त बता रहे हैं।
एलजेपी (रामविलास) नेता ने लगवाए पोस्टर
जानकारी के मुताबिक ये पोस्टर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पटना जिला अध्यक्ष इमाम गजाली की ओर से लगवाए गए हैं। पोस्टर लगने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
हालांकि अभी तक एनडीए की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन पोस्टर के जरिए उठी मांग ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस जरूर शुरू कर दी है।
सांसद अरुण भारती भी जता चुके हैं इच्छा
इससे पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती भी सार्वजनिक रूप से चिराग पासवान को मुख्यमंत्री के रूप में देखने की इच्छा जता चुके हैं।
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री को लेकर अंतिम फैसला एनडीए के शीर्ष नेता मिलकर करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि व्यक्तिगत तौर पर वह चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं।










