Kharmas 2026: 14 जनवरी को खत्म हो रहा खरमास, जानें कब से शुरू होंगे शुभ और मांगलिक कार्य

Kharmas 2026: 14 जनवरी को खत्म हो रहा खरमास, जानें कब से शुरू होंगे शुभ और मांगलिक कार्य

खरमास 2026 14 जनवरी को समाप्त होने जा रहा है। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य स्थगित रहते हैं। सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश और मकर संक्रांति के बाद शुभ कार्य फिर से शुरू किए जा सकते हैं, जबकि विवाह के लिए शुक्र ग्रह के उदय तक प्रतीक्षा करनी होगी।

Kharmas 2026 Update: 14 जनवरी को खत्म हो रहा खरमास, ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही यह अवधि समाप्त होगी। इस दिन मकर संक्रांति भी मनाई जाएगी। खरमास के दौरान गृह प्रवेश, मुंडन, सगाई और नए व्यापार जैसी शुभ गतिविधियाँ रोकी गई थीं। हालांकि विवाह के लिए जनवरी 2026 में शुक्र ग्रह अस्त रहेगा, इसलिए दांपत्य संबंधी कार्य 1 फरवरी 2026 के बाद ही शुरू होंगे। यह समय धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त माना जाता है।

क्यों माना जाता है अशुभ?

खरमास का संबंध सूर्य और गुरु ग्रह बृहस्पति की राशियों से होता है। यह साल में दो बार आता है – जब सूर्य देव धनु राशि में होते हैं और जब मीन राशि में। 16 दिसंबर 2025 से सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश कर चुके थे, और तभी से खरमास शुरू हो गया था।

ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि धनु और मीन गुरु बृहस्पति की राशि हैं, और जब सूर्य इन राशियों में रहते हैं, तो उनके प्रभाव में कमी आ जाती है। इस समय किए गए शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, व्यापार की शुरुआत आदि का पूर्ण और शुभ फल नहीं मिलता। इसलिए इस अवधि में मांगलिक कार्य स्थगित कर दिए जाते हैं।

खरमास के दौरान धार्मिक और पारिवारिक आयोजनों पर रोक लगाई जाती है। हालांकि यह समय धार्मिक कर्मकांड और पूजा-पाठ के लिए उपयुक्त माना जाता है। लोग इस समय दान, मंदिर में सेवा, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान करने का अधिक महत्व देते हैं।

खरमास का समापन

खरमास 2026 का समापन 14 जनवरी को होगा। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे मकर संक्रांति भी कहा जाता है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश एक शुभ अवसर है और उसके बाद शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत की जा सकती है।

खरमास के समाप्त होने के बाद गृह प्रवेश, मुंडन, सगाई या नए व्यापार की शुरुआत जैसे शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इसके साथ ही नए घर में प्रवेश, कार्यालय या दुकान की शुरुआत और परिवारिक समारोहों की योजना भी बनाई जा सकती है।

विवाह अभी नहीं होंगे

हालांकि, खरमास के समाप्त होने के बाद भी विवाह का मुहूर्त नहीं खुलेगा। इसका कारण है शुक्र ग्रह का अस्त होना। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र प्रेम, विवाह और दांपत्य सुख का कारक माना जाता है। जनवरी 2026 में भी शुक्र ग्रह अस्त रहेंगे।

शुक्र ग्रह 53 दिनों तक अस्त रहेगा और 1 फरवरी 2026 को उदय होगा। उसके बाद ही विवाह के शुभ मुहूर्त की शुरुआत होगी। इसलिए, जो दंपति विवाह की योजना बना रहे हैं, उन्हें फरवरी 2026 तक प्रतीक्षा करनी होगी।

खरमास के दौरान किए जाने वाले कार्य

खरमास के दौरान हालांकि मांगलिक कार्य स्थगित रहते हैं, लेकिन कुछ धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए यह समय उपयुक्त माना जाता है। इस अवधि में लोग पूजा-पाठ, दान, व्रत, और परिवारिक धार्मिक अनुष्ठान करने का महत्व बढ़ाते हैं।

धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, खरमास के दौरान किए गए धार्मिक कार्यों का शुभ फल मिलता है और यह व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

मकर संक्रांति का महत्व

14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व भी मनाया जाएगा। यह सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है और इसे नए आरंभ और उज्जवल भविष्य का संकेत माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की पूजा और धार्मिक अनुष्ठान करने से जीवन में समृद्धि और खुशहाली आती है।

मकर संक्रांति से जुड़ी परंपराओं में तिल का दान, स्नान, दान-पुण्य और सूर्य की पूजा शामिल है। यह पर्व सूर्य की उत्तरायण गति की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है, जो जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।

भविष्य की योजना

खरमास समाप्त होने के बाद लोग अपने व्यक्तिगत, पारिवारिक और व्यावसायिक योजनाओं की शुरुआत कर सकते हैं। नए घर में प्रवेश, व्यापार की शुरुआत, मुंडन, सगाई और अन्य धार्मिक कार्य शुभ और सफल माने जाएंगे।

विवाह की तैयारी कर रहे जोड़ों को फरवरी तक प्रतीक्षा करनी होगी। उस समय तक शुक्र ग्रह उदय हो जाएगा और विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू होंगे। इसके बाद शादी और अन्य दांपत्य संबंधी कार्य बड़े धूमधाम से आयोजित किए जा सकेंगे।

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