केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में जनगणना-2027 के लिए चार डिजिटल टूल्स का सॉफ्ट लॉन्च किया और शुभंकरों ‘प्रगति’ (महिला) और ‘विकास’ (पुरुष) का औपचारिक अनावरण किया।
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री Amit Shah ने गुरुवार को नई दिल्ली में Census 2027 के लिए चार डिजिटल टूल्स का सॉफ्ट लॉन्च किया और शुभंकर- 'प्रगति' (महिला) और 'विकास' (पुरुष) का औपचारिक अनावरण किया। देशभर में गणना कार्यों को सुगम बनाने के लिए Centre for Development of Advanced Computing ने एडवांस डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं।
इन टूल्स में डिजिटल जनगणना के दौरान उपग्रह चित्रों की मदद से मकान सूचीकरण के ब्लॉक बनाए जाएंगे। जनगणना-2027 में देशभर से 30 लाख से अधिक प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे, जो इस विशाल प्रक्रिया को संचालित करेंगे।
डिजिटल उपकरणों का उद्देश्य
सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) ने जनगणना कार्यों को आसान और सटीक बनाने के लिए चार प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। इन टूल्स से उपग्रह चित्रों की मदद से मकानों के सूचीकरण ब्लॉक तैयार होंगे, और 30 लाख से अधिक प्रगणक, पर्यवेक्षक और अधिकारी देशभर में डेटा संग्रह करेंगे। जनगणना 2027 दो चरणों में संपन्न होगी:
प्रथम चरण – हाउस लिस्टिंग एवं आवास जनगणना
- घरों की स्थिति और सुविधाओं का विवरण एकत्र किया जाएगा।
- मकान सूचीकरण का काम 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा।
- घर-घर सर्वेक्षण से पहले 15 दिन की स्व-गणना अवधि भी होगी।
द्वितीय चरण – जनसंख्या गणना
- फरवरी 2027 में पूरे भारत में प्रत्येक व्यक्ति का जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक विवरण दर्ज किया जाएगा।
- जाति संबंधी प्रश्न भी शामिल होंगे।
- संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि होगी। लद्दाख और हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए यह 1 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि निर्धारित है।
चार डिजिटल टूल्स

- हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर वेब एप्लिकेशन:
- उपग्रह चित्रों की सहायता से मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए जाएंगे।
- इससे देशभर में भौगोलिक कवरेज का मानकीकरण सुनिश्चित होगा।
- एचएलओ मोबाइल एप्लिकेशन:
- यह सुरक्षित ऑफलाइन मोबाइल एप्लिकेशन प्रगणकों को मकान-सूचीकरण डेटा संग्रह और अपलोड करने में सक्षम बनाता है।
- एंड्रॉयड और iOS प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध, 16 भाषाओं में संचालित।
- स्व:गणना पोर्टल:
- पहली बार घर-घर सर्वेक्षण से पहले स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध होगा।
- पंजीकृत उत्तरदाता अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करेंगे और उन्हें एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी मिलेगी।
- प्रगणक इस आईडी के माध्यम से जानकारी की पुष्टि करेंगे।
- जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली पोर्टल:
- केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म, जिसके माध्यम से योजना, प्रबंधन, क्रियान्वयन और निगरानी की जाएगी।
- राज्य, जिला और तहसील स्तर के अधिकारी वास्तविक समय में कार्य-स्थिति देख सकेंगे।
जनगणना-2027 के शुभंकर प्रगति (महिला प्रगणक) और विकास (पुरुष प्रगणक) मैत्रीपूर्ण और सहज प्रतीक के रूप में जनता तक संदेश पहुँचाएंगे। ये शुभंकर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में पुरुष और महिला की बराबरी की भागीदारी को भी दर्शाते हैं।











