क्या आपके बच्चे की हड्डियों में दर्द रहता है? जानें कैल्शियम की कमी के लक्षण

क्या आपके बच्चे की हड्डियों में दर्द रहता है? जानें कैल्शियम की कमी के लक्षण

बच्चों में बार-बार हड्डियों में दर्द, कमजोरी और दांतों की देरी से वृद्धि जैसे लक्षण कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर पहचान और संतुलित आहार से रिकेट्स जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है। सही पोषण और धूप बेहद जरूरी है।

Calcium Deficiency In Children: दिल्ली के All India Institute of Medical Sciences में कार्यरत बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु भदानी ने बताया कि बच्चों में हड्डियों में लगातार दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी जैसे लक्षण कैल्शियम की कमी का संकेत हो सकते हैं। यह समस्या तब सामने आती है जब आहार में दूध, दही और अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों की कमी हो या विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में न मिले। समय पर जांच और संतुलित डाइट से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है।

बच्चों में कैल्शियम की कमी के लक्षण

डॉ. भदानी बताते हैं कि पैरों, घुटनों और टखनों में लगातार दर्द कैल्शियम की कमी का आम संकेत हो सकता है। इसके अलावा मांसपेशियों में ऐंठन, जल्दी थकान और कमजोरी भी दिखाई दे सकती है।

कुछ बच्चों में दांत देर से आना, नाखूनों का पतला और कमजोर होना या बार-बार टूटना भी लक्षण हो सकते हैं। गंभीर स्थिति में हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे हल्की चोट में भी फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है।

कमी बढ़ने पर हो सकती हैं गंभीर समस्याएं

लंबे समय तक कैल्शियम की कमी रहने पर बच्चों में रिकेट्स जैसी बीमारी विकसित हो सकती है। इस स्थिति में हड्डियां मुलायम हो जाती हैं और उनका आकार प्रभावित हो सकता है।

समय पर इलाज न मिलने पर शारीरिक विकास धीमा पड़ सकता है। दांतों की मजबूती भी कम हो सकती है, जिससे आगे चलकर हड्डियों से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।

कैसे करें बचाव और सही देखभाल

विशेषज्ञों की सलाह है कि बच्चों की डाइट में दूध, दही, पनीर और हरी पत्तेदार सब्जियां जरूर शामिल करें। बादाम और तिल जैसे खाद्य पदार्थ भी कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं।

बच्चों को रोजाना कम से कम 20 से 30 मिनट धूप में खेलने दें, ताकि विटामिन डी का प्राकृतिक स्रोत मिल सके। जंक फूड से दूरी और संतुलित आहार से कैल्शियम की कमी को काफी हद तक रोका जा सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से परामर्श लेकर सप्लीमेंट भी दिए जा सकते हैं।

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