समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने बहुजन समाज पार्टी के विधायक Umashankar Singh के घर पर आयकर विभाग की छापेमारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है।
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक उमाशंकर सिंह के घर पर आयकर विभाग की छापेमारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। सपा मुखिया ने इसे भाजपा की लालच और हृदयहीनता का उदाहरण बताया और कहा कि भाजपा की कार्रवाई का उद्देश्य आम नागरिकों और विपक्षी नेताओं के संसाधनों को तब लूटना होता है, जब वे सबसे कमजोर और कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे होते हैं।
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट (X/पूर्व Twitter) में लिखा कि भाजपा की एजेंसियां ऐसे मामलों में तब सक्रिय होती हैं जब व्यक्ति संकट में होता है, ताकि वह विरोध या प्रतिरोध न कर सके और उसका धन और सम्मान लूट लिया जाए। उन्होंने इसे “सरकारी डकैती” और “भाजपाई छापे” करार दिया।
सपा प्रमुख का आरोप: बहन-बेटी का सम्मान भी नहीं
अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसकी राजनीतिक रणनीति सिर्फ धन-संपत्ति इकट्ठा करने और सत्ता बनाए रखने तक सीमित है। उन्होंने कहा, “भाजपाई हृदयहीन हैं, इसलिए संवेदनहीन भी हैं। वे यह भी नहीं देखते कि कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी, वित्तीय संकट या निजी समस्याओं से जूझ रहा है। इसके विपरीत, वे कठिन हालात का फायदा उठाते हैं।”
उन्होंने आगे लिखा कि भाजपा के लिए “बहन-बेटी का सम्मान भी कोई महत्व नहीं रखता” और वे पीड़ित व्यक्तियों को परेशान करने में पीछे नहीं हटते। सपा अध्यक्ष ने यह भी दावा किया कि 2047 की बात करने वाले भाजपा नेता 2027 तक भी सत्ता बनाए रखने में सफल नहीं होंगे, और इसीलिए वे धन इकट्ठा करने में लगे हैं।

पूर्व सीएम ने दिल्ली के षड्यंत्र का आरोप लगाया
अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के कठिन हालात में पड़ना और उस पर छापेमारी करना जायज़ नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने इसे दिल्ली सरकार और भाजपा की योजनाबद्ध रणनीति बताया। सपा प्रमुख ने कहा, “भाजपा कभी झूठे मुक़दमे लगवाती है, तो कभी संकट के समय जानबूझकर छापे करवाती है। कल यह विपक्ष के नेताओं के साथ हुआ, आज भाजपा के भीतर भी लोग इसका शिकार हैं।
सपा प्रमुख ने भाजपा के परंपरागत वोटरों और समाज के विभिन्न वर्गों के रवैये पर भी टिप्पणी की। उनका कहना था कि धर्मरत समाज, कारोबारी समुदाय, और सजातीय समाज अब भाजपा की नीतियों और कार्रवाईयों से नाराज़ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूज्य शंकराचार्य का अपमान और भ्रष्टाचार, जीएसटी व अनियंत्रित वसूली ने भाजपा के समर्थन को प्रभावित किया है।












