वेनेजुएला में राजनीतिक संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट ने डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया। राष्ट्रपति मादुरो की हिरासत के बाद यह फैसला प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने के लिए लिया गया।
Venezuela: वेनेजुएला में अचानक पैदा हुई गंभीर राजनीतिक स्थिति के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को बंधक बनाए जाने के बाद देश में सत्ता का संतुलन बनाए रखने के लिए नया अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। यह जिम्मेदारी वेनेजुएला की मौजूदा उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को सौंपी गई है। कोर्ट के इस फैसले को मौजूदा हालात में देश की स्थिरता से जोड़कर देखा जा रहा है। वेनेजुएला पहले से ही राजनीतिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय तनावों से गुजर रहा है। ऐसे समय में शीर्ष नेतृत्व की अनुपस्थिति से अस्थिरता बढ़ने की आशंका थी।
मादुरो की अनुपस्थिति में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका
राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को लेकर बनी स्थिति के बाद वेनेजुएला सुप्रीम कोर्ट ने त्वरित कार्रवाई की। कोर्ट ने साफ किया कि मादुरो की अनुपस्थिति में देश का प्रशासनिक ढांचा कमजोर नहीं पड़ना चाहिए। इसी कारण उपराष्ट्रपति के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहीं डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया। कोर्ट का मानना रहा कि संवैधानिक निरंतरता बनाए रखना इस समय सबसे जरूरी है। सत्ता में किसी तरह का शून्य पैदा होने से देश में राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता गहरा सकती थी।
अमेरिकी कार्रवाई के बाद बदले हालात

बताया गया है कि शनिवार तड़के अमेरिकी बलों द्वारा किए गए एक ऑपरेशन में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया गया। इसके बाद वेनेजुएला में हालात तेजी से बदलने लगे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से देश के भीतर अनिश्चितता का माहौल बन गया। ऐसे समय में सरकार के शीर्ष पद पर स्पष्ट नेतृत्व की जरूरत महसूस की गई। इसी पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट का फैसला सामने आया, ताकि प्रशासनिक कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था पर कोई असर न पड़े।
डेल्सी रोड्रिग्ज को सौंपी गई अंतरिम जिम्मेदारी
डेल्सी रोड्रिग्ज इससे पहले वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति के रूप में सेवाएं दे रही थीं। सरकार में उनका अनुभव और सक्रिय भूमिका इस फैसले की अहम वजह मानी जा रही है। कोर्ट ने यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपते हुए साफ संकेत दिया कि मौजूदा संकट में अनुभवी नेतृत्व ही देश को संभाल सकता है। अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर डेल्सी रोड्रिग्ज से उम्मीद की जा रही है कि वे हालात को स्थिर रखेंगी और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करेंगी।
डेल्सी रोड्रिग्ज का राजनीतिक सफर
डेल्सी रोड्रिग्ज का जन्म 18 मई 1969 को वेनेजुएला की राजधानी काराकस में हुआ था। उनका परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता जॉर्ज एंटोनियो रोड्रिग्ज वामपंथी विचारधारा के गुरिल्ला लड़ाके थे। जॉर्ज रोड्रिग्ज ने 1970 के दशक में क्रांतिकारी लीगा सोशलिस्टा पार्टी की स्थापना की थी। इस राजनीतिक पृष्ठभूमि का असर डेल्सी के जीवन और करियर पर भी साफ दिखाई देता है।

सरकार में निभाई अहम भूमिकाएं
डेल्सी रोड्रिग्ज ने अपने राजनीतिक जीवन में सरकार के कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। उनकी प्रशासनिक क्षमता और राजनीतिक समझ की सराहना खुद राष्ट्रपति मादुरो भी करते रहे हैं। एक मौके पर मादुरो ने डेल्सी को शेरनी तक कहा था, जो उनके मजबूत व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता की ओर इशारा करता है। अलग-अलग जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने सरकार की नीतियों को लागू करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
अमेरिका से मादुरो को छोड़ने की मांग
वेनेजुएला में हालात बिगड़ने के बाद डेल्सी रोड्रिग्ज ने अमेरिका की कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अमेरिका से राष्ट्रपति मादुरो को छोड़ने की मांग की। डेल्सी ने कहा था कि वेनेजुएला कभी किसी का उपनिवेश नहीं बनेगा।












