महाराष्ट्र में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव का ऐलान। मतदान 5 फरवरी 2026 को सुबह 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक, मतगणना 7 फरवरी से। नामांकन प्रक्रिया 16-21 जनवरी तक, चुनाव आचार संहिता लागू।
Mumbai: महाराष्ट्र में स्थानीय प्रशासन के चुनावी माहौल ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) ने 12 जिला परिषद और 125 पंचायत समिति की सीटों पर चुनाव का ऐलान कर दिया है। यह घोषणा महाराष्ट्र की महानगरपालिका चुनाव प्रक्रिया के खत्म होते ही की गई है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार इन सीटों पर कुल 2.09 करोड़ मतदाता (Voters) अपनी भागीदारी दर्ज कराएंगे। आयोग ने यह भी बताया कि चुनाव के लिए 1 जुलाई 2025 की वोटर लिस्ट का उपयोग किया जाएगा। मतदाता इस संबंध में अपनी जानकारी ऑनलाइन राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
चुनाव का यह चरण महाराष्ट्र में स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। इन चुनावों के दौरान मतदान और मतगणना दोनों प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
मतदान की तारीख और नतीजों की घोषणा
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान और मतगणना की तारीखों का भी ऐलान कर दिया है। इसके अनुसार, जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में वोटिंग 5 फरवरी 2026 को सुबह 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक होगी।
मतगणना की प्रक्रिया 7 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे से शुरू होगी। चुनाव के परिणाम (Results) घोषित होते ही नए निर्वाचित सदस्यों को उनके कार्यकाल के लिए पदभार सौंपा जाएगा। आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि मतदान के दिन और मतगणना के दिन सभी सुरक्षा और प्रशासनिक उपाय सख्ती से लागू होंगे।
नामांकन प्रक्रिया और उम्मीदवारों की जानकारी
चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के लिए नामांकन प्रक्रिया 16 जनवरी 2026 से शुरू होगी और 21 जनवरी 2026 तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 22 जनवरी 2026 को होगी।
उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार 27 जनवरी 2026 को दोपहर 3 बजे तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। इसी दिन 3.30 बजे के बाद अंतिम उम्मीदवार सूची (Final Candidate List) और उनके चुनाव चिन्ह (Election Symbol) का आवंटन किया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों और मतदाताओं दोनों को समय से पूर्व सभी जरूरी सूचनाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो, आयोग ने प्रत्येक क्षेत्र में चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू कर दी है।
मतदान में 50 फीसदी आरक्षण का मुद्दा
इस बार चुनाव में कई सीटों पर 50 फीसदी आरक्षण (Reservation) की सुविधा लागू नहीं है। आयोग ने यह व्यवस्था सामाजिक और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए की है। आरक्षण की यह नीति सुनिश्चित करती है कि स्थानीय प्रशासन में सभी वर्गों और समुदायों की भागीदारी समान रूप से हो।
चुनाव आचार संहिता
चुनाव के ऐलान होते ही राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी क्षेत्रों में चुनाव आचार संहिता लागू कर दी है। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाना है।
आयोग ने यह भी कहा कि मतदान केंद्रों पर सुरक्षा कड़ी रहेगी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि मतदाता आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। कोविड-19 जैसी स्वास्थ्य परिस्थितियों और मौसम के हालात को ध्यान में रखते हुए भी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।
मतदाता जागरूकता
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपनी वोटर आईडी और रजिस्ट्रेशन की जानकारी पहले से ऑनलाइन चेक कर लें। इसके लिए आयोग की वेबसाइट पर पूरी जानकारी उपलब्ध है।
मतदाताओं को सलाह दी गई है कि मतदान के समय निर्धारित समय पर अपने मतदान केंद्र पहुंचें और आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर आएं। आयोग ने कहा है कि सभी मतदाता अपनी भूमिका समझें और लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।










