Maharashtra Municipal Election 2026: राज ठाकरे का बड़ा बयान, MNS-UBT गठबंधन ने BJP पर बोला हमला

Maharashtra Municipal Election 2026: राज ठाकरे का बड़ा बयान, MNS-UBT गठबंधन ने BJP पर बोला हमला

महाराष्ट्र की राजनीति में BMC और नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर हलचल तेज हो गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पहली बार एक संयुक्त साक्षात्कार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बड़ा हमला बोला। 

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में दशकों बाद एक ऐतिहासिक मोड़ आया है, जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पहली बार एक संयुक्त साक्षात्कार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर कड़ा हमला बोला। दोनों नेताओं ने कहा कि मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की साजिश रचने वाले लोग आज केंद्र और राज्य की सत्ता पर काबिज हैं। राज ठाकरे ने चेतावनी दी कि अगर बीजेपी महानगर पालिकाओं (बीएमसी) की सत्ता पर भी काबिज हो गई, तो 'मराठी मानुष' पूरी तरह शक्तिहीन हो जाएंगे। 

उन्होंने कहा, हम अपने अस्तित्व के लिए नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के गौरव और मराठी लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए साथ आए हैं, और साथ ही स्पष्ट किया कि बाहरी लोग यहां सिर्फ रोजी-रोटी के लिए नहीं बल्कि अपने वोट बैंक और निर्वाचन क्षेत्र बनाने के लिए आ रहे हैं, जो चिंता का विषय है।

राज ठाकरे का चेतावनी भरा बयान

राज ठाकरे ने कहा कि अगर बीजेपी नगर निकायों पर भी कब्जा कर लेती है, तो मराठी मानुष पूरी तरह शक्तिहीन हो जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा, "हम अपने अस्तित्व के लिए नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के गौरव और मराठी लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए साथ आए हैं।" राज ठाकरे ने चेतावनी दी कि बाहरी लोग मुंबई में केवल रोज़ी-रोटी के लिए नहीं आ रहे, बल्कि अपना वोट बैंक और निर्वाचन क्षेत्र बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

राज ठाकरे ने नगर निकायों पर स्थानीय नेतृत्व के नियंत्रण को अनिवार्य बताते हुए कहा कि यदि मुंबई की पहचान को सुरक्षित रखना है, तो केवल मुंबई ही नहीं बल्कि पुणे, ठाणे, नासिक, मीरा-भयंदर, कल्याण-डोम्बिवली और छत्रपति संभाजीनगर जैसे प्रमुख शहरों पर भी मराठी नेतृत्व का नियंत्रण होना जरूरी है।

उद्धव ठाकरे का आरोप, “ठेकेदारों की सरकार”

राज ठाकरे ने सख्त शब्दों में कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति वैसी ही है जैसी “संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन” के दौरान थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय गुजरात चाहता था कि मुंबई उसका हिस्सा बने और आज भी मुंबई को राज्य से अलग करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा, यह एक पुराना घाव है जिसे फिर से कुरेदा जा रहा है। अगर नगर निकायों पर हमारा नियंत्रण नहीं रहा, तो मराठी मानुष का कोई वजूद नहीं बचेगा।

पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सरकार के विकास के दावे केवल “ढोंग” हैं। उन्होंने कहा, यह बिना योजना के किया गया विकास है, जो प्रगति नहीं बल्कि विनाश की ओर ले जाएगा। सरकार को खुद नहीं पता कि वह क्या करना चाहती है।

उद्धव ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे मराठी चेहरे होने के बावजूद उनका जनता से कोई सरोकार नहीं है। उनका कहना था कि वर्तमान सरकार केवल बड़े ठेकेदारों के लिए काम कर रही है और आम जनता की समस्याओं से बेपरवाह है।

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