भारतीय शेयर बाजार बुधवार को उतार-चढ़ाव के बीच लगभग सपाट बंद हुआ। सेंसेक्स 31 अंक और निफ्टी 46 अंक गिरा। एफआईआई बिकवाली, कमजोर मैक्रो संकेतों और RBI MPC बैठक से पहले सतर्कता के कारण बाजार पूरे दिन दबाव में रहा।
Market Closing Today: एशियाई बाजारों की मजबूती के बावजूद भारतीय शेयर बाजार बुधवार 3 दिसंबर 2025 को उतार-चढ़ाव के बीच लगभग सपाट बंद हुआ। सुबह बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की, लेकिन उसके बाद पूरे दिन निफ्टी और सेंसेक्स पर दबाव बना रहा। दिन भर लाल निशान में रहने के बाद आखिरी आधे घंटे में कुछ रिकवरी जरूर दिखी। ऑटो शेयरों में मुनाफावसूली और सरकारी बैंकिंग शेयरों पर भारी बिकवाली का असर बाजार की दिशा पर हावी रहा। वहीं आईटी सेक्टर के शेयर मजबूत होकर बंद हुए।
सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की गिरावट
बीएसई सेंसेक्स सुबह 85,150 अंक पर खुला और दिन भर सीमित दायरे में ट्रेड करता रहा। कारोबार के दौरान यह 85,269.68 अंक के उच्च स्तर और 84,763.64 अंक के निचले स्तर तक गया। आखिर में सेंसेक्स 31.46 अंक गिरकर 85,106.81 पर बंद हुआ।
निफ्टी-50 भी लगभग सपाट रुख के साथ 26,004 पर खुला। ओपनिंग के थोड़ी देर बाद निफ्टी 26,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया। कारोबार के अंत में निफ्टी 46.20 अंक टूटकर 25,986 पर बंद हुआ। इससे साफ है कि बाजार में निवेशक सतर्क बने रहे और बड़े खरीद ऑर्डर सीमित रहे।
एफआईआई की बिकवाली और आर्थिक अनिश्चितता का असर
जियोजित इंवेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने बताया कि विदेशी निवेशकों यानी एफआईआई की लगातार बिकवाली और वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं का असर रुपये पर भी पड़ा है। रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गया और इसके बावजूद बाजार में कुछ मजबूती देखने को मिली।
नवंबर में इंडस्ट्रियल एक्टिविटी और मेन्यूफैक्चरिंग PMI में नरमी के संकेत मिले। नए ऑर्डर कम हुए, निर्यात मांग घटी और ट्रेड डेफिसिट बढ़ा। इन सभी संकेतों ने बाजार में सतर्कता बढ़ाई।
वैश्विक बाजारों में भी मिला-जुला रुख रहा। निवेशक अमेरिकी फेड और यूरोपीय सेंट्रल बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी पर नजर रखे हुए हैं। जापान में सरकारी खर्च बढ़ने की उम्मीद और बैंक ऑफ जापान की सख्ती के चलते बॉन्ड यील्ड में उछाल आया, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा।
टॉप लूजर्स और गेनर्स
सेंसेक्स में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एसबीआई, टाइटन और एनटीपीसी सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयर रहे। सरकारी बैंकों में भारी दबाव दिखा और पीएसयू बैंक इंडेक्स 3.07 प्रतिशत गिर गया।
दूसरी तरफ आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक बाजार के प्रमुख गेनर्स रहे। आईटी शेयरों में खरीदारी बढ़ी जिससे इस सेक्टर में सकारात्मक रुझान दिखा।
ब्रोडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 0.98 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.71 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। ऑटो, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी, ऑयल एंड गैस और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स लाल निशान में रहे। वहीं निफ्टी आईटी और मीडिया इंडेक्स मामूली तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुए।
RBI की MPC मीटिंग से पहले सतर्क निवेशक
लगातार तीन सत्रों में निफ्टी और सेंसेक्स लगभग 0.7 प्रतिशत टूट चुके हैं। इसके बावजूद घरेलू निवेशक खरीदारी जारी रखे हुए हैं। हालांकि विदेशी निवेशकों ने लगातार चार दिन भारतीय शेयर बेचे। मंगलवार को एफपीआई ने करीब 3642 करोड़ रुपये की बिकवाली की जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा और यह 90 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गया।
इस सप्ताह बाजार का सबसे बड़ा फोकस RBI की मौद्रिक नीति समिति यानी MPC की बैठक है जो 3 से 5 दिसंबर तक चलेगी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में प्रमुख चर्चा का मुद्दा यह रहेगा कि क्या रेपो रेट में बदलाव होगा। किसी भी बदलाव का सीधा असर होम लोन और अन्य कर्ज की EMI पर पड़ेगा।
दूसरी तिमाही के मजबूत GDP आंकड़ों के बाद इस बार ब्याज दरों में कटौती की संभावना काफी कम हो गई है। इसलिए निवेशक किसी भी नई घोषणा से पहले सावधानी बरत रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट्स का रुख
एशियाई बाजारों में बुधवार को मजबूत शुरुआत हुई। वॉल स्ट्रीट में मंगलवार को टेक शेयरों में उछाल और क्रिप्टो में रिकवरी का असर एशिया के बाजारों तक पहुंचा। जापान का निक्केई 225 0.76 प्रतिशत चढ़ा, हालांकि टॉपिक्स इंडेक्स 0.31 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.06 प्रतिशत मजबूत हुआ और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.32 प्रतिशत बढ़ा।
अमेरिकी बाजारों में डॉव 0.39 प्रतिशत, S&P 500 0.25 प्रतिशत और नैस्डैक 0.59 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए। निवेशक अब अमेरिकी ट्रेड डेटा और नवंबर ग्लोबल कंपोज़िट PMI के साथ-साथ यूरोपियन सेंट्रल बैंक की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड के बयान पर नजर बनाए हुए हैं।










