1988 में बी.आर. चोपड़ा की महाभारत में उत्तरा का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली वर्षा उसगांवकर आज भी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। उत्तरा का किरदार दर्शकों को इतना पसंद आया कि इस शो की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण बन गया।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: कई मेकर्स ने टेलीविजन के लिए हिंदू महाकाव्य 'महाभारत' बनाने की कोशिश की, लेकिन कोई भी B.R. Chopra और उनके बेटे Ravi Chopra के बनाए वर्शन जैसा नहीं बन पाया। 139 एपिसोड का यह सीरियल 1988 से 1990 तक प्रसारित हुआ और अपनी दमदार कहानी के अलावा शानदार स्टार कास्ट की वजह से लोगों का लोकप्रिय शो बन गया।
इस शो ने कई स्टार्स को घर-घर में पहचान दिलाई, और इन्हीं में एक Varsha Usgaonkar भी थीं। वर्षा गोवा के एक राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनके पिता A.K.S. Usgaonkar कैबिनेट मंत्री और गोवा के उप-अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे, जबकि उनकी मां मानिकाबाई उसगांवकर एक शास्त्रीय गायिका थीं।
महाभारत से शुरू हुई पहचान
बी.आर. चोपड़ा और उनके बेटे रवि चोपड़ा द्वारा निर्मित महाभारत 1988 से 1990 तक Doordarshan पर प्रसारित हुआ था। 139 एपिसोड के इस महाकाव्य ने अपनी दमदार कहानी, शानदार प्रोडक्शन और स्टार कास्ट की वजह से भारतीय टेलीविजन का बेंचमार्क तय किया। वर्षा उसगांवकर ने इसमें अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा का किरदार निभाया। उनकी मासूमियत और सजीव अभिनय ने दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
वर्षा का परिवार भी एंटरटेनमेंट और पब्लिक सर्विस से जुड़ा रहा है। उनके पिता ए.के.एस. उसगांवकर गोवा में कैबिनेट मंत्री और उप-अध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि उनकी मां मानिकाबाई उसगांवकर एक शास्त्रीय गायिका हैं।

मराठी स्टेज और फिल्मों से मिली शुरुआत
वर्षा उसगांवकर ने 1984 में मराठी स्टेज प्ले ‘ब्रह्मचारी’ से अभिनय की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने 1986 में मराठी फिल्म ‘तुज्या वाचुन करमेना’ में काम किया। 1987 में सचिन पिलगांवकर के साथ ‘गम्मत जम्मत’ उनकी सफल मराठी फिल्म रही। 1990 में वर्षा उसगांवकर ने बॉलीवुड में कदम रखा। उन्होंने ‘दूध का कर्ज’ फिल्म से डेब्यू किया, जिसमें जैकी श्रॉफ, नीलम और अरुणा ईरानी भी प्रमुख भूमिका में थे। इसके बाद उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में काम किया, जिनमें प्रमुख हैं:
- साथी – अपने ब्लॉकबस्टर गानों और रोमांटिक कहानी के लिए मशहूर
- हफ्ता बंद (1991)
- घर जमाई (1992)
- तिरंगा (1993)
- बेटा हो तो ऐसा (1994)
- घर आया मेरा परदेसी (1993)
- पत्थरीला रास्ता (1994)
इन फिल्मों में उनके अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों ने सराहा। उन्होंने हिंदी और मराठी दोनों इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई। 38 साल बाद भी वर्षा उसगांवकर की खूबसूरती बरकरार है। वह अब मराठी टीवी सीरियल ‘नशीबवान’ में नजर आ रही हैं, जो सोम-शुक्रवार रात 9 बजे स्टार प्रवाह पर प्रसारित होता है। इस शो में उनकी एक्टिंग और स्क्रीन प्रेजेंस को देखकर यह कहा जा सकता है कि वर्षा ने समय के साथ अपने अभिनय में और परिपक्वता और शख्सियत का विस्तार किया है।










