बिहार सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे को और व्यापक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। मुजफ्फरपुर स्थित केंद्रीय कारागार में बंद बंदियों को भी अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पहल के तहत अब तक 60 कैदियों ने विभिन्न पेंशन योजनाओं के लिए आवेदन किया है, जिससे जेल प्रशासन और बंदियों दोनों के बीच सकारात्मक माहौल बना है।
जानकारी के अनुसार, यह पहल जेल प्रशासन और सामाजिक सुरक्षा विभाग के आपसी समन्वय से संभव हो सकी है। जेल परिसर में विशेष अभियान चलाकर उन बंदियों की पहचान की गई, जो उम्र, दिव्यांगता या अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर पेंशन के पात्र हैं। इसके बाद उन्हें योजना से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई और आवेदन की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए मौके पर ही फॉर्म भरवाए गए।
बताया जा रहा है कि इन आवेदनों में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाएं शामिल हैं। कई बंदी ऐसे हैं, जो लंबे समय से जेल में बंद हैं और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। जेल में रहने के कारण वे अब तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे, लेकिन अब इस व्यवस्था से उन्हें भी आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है।
जेल प्रशासन का कहना है कि सभी आवेदनों की गहन जांच की जा रही है। दस्तावेजों के सत्यापन और पात्रता की पुष्टि के बाद पेंशन की राशि सीधे बंदियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इस राशि का उपयोग बंदी अपनी दैनिक जरूरतों के लिए कर सकेंगे, वहीं कुछ बंदी अपने परिवार की मदद के लिए भी इस राशि का सहारा ले पाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार, यह कदम केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि बंदियों के सामाजिक पुनर्वास की दिशा में भी अहम माना जा रहा है। पेंशन जैसी योजनाओं से बंदियों में आत्मसम्मान की भावना मजबूत होगी और वे खुद को समाज की मुख्यधारा से जुड़ा हुआ महसूस कर सकेंगे। साथ ही, यह पहल जेलों में मानवीय दृष्टिकोण को बढ़ावा देने का उदाहरण भी बन रही है।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में अन्य जेलों में भी इस तरह के जागरूकता और आवेदन अभियान चलाए जाएंगे, ताकि कोई भी पात्र बंदी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित न रहे। कुल मिलाकर, मुजफ्फरपुर जेल में शुरू की गई यह पहल सरकार की समावेशी सोच को दर्शाती है और बंदियों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।












