बिहार के Muzaffarpur जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ एक परिवार को तोड़कर रख दिया, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक पिता अपने लापता बेटे की तलाश में दर-दर भटकता रहा। शुरुआत में उसने पुलिस से मदद की उम्मीद की, लेकिन कथित तौर पर समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरी में पिता ने खुद ही बेटे की तलाश शुरू की और लाउडस्पीकर लगाकर सड़कों, बाजारों और गांव-गांव घूमता रहा।
परिजनों के मुताबिक, युवक अचानक घर से लापता हो गया था। जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटा और उसका फोन भी बंद मिलने लगा, तो परिवार की चिंता बढ़ गई। अगले ही दिन थाने में इसकी सूचना दी गई। आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और सिर्फ औपचारिकता निभाते हुए इंतजार करने की सलाह दी गई। परिवार लगातार थाने के चक्कर काटता रहा, लेकिन बेटे का कोई सुराग नहीं मिला।
दिन बीतते गए और पिता की बेचैनी बढ़ती चली गई। पुलिस से निराश होकर उसने खुद ही खोज अभियान शुरू करने का फैसला किया। पिता ने एक लाउडस्पीकर का इंतजाम किया और उस पर बेटे का नाम, हुलिया और संपर्क जानकारी बताते हुए लोगों से मदद की अपील करने लगा। वह सुबह से शाम तक सड़कों पर निकलता, हर चौक-चौराहे, हर बाजार और हर गांव में जाकर बेटे के बारे में पूछता रहा। कई लोग उसे देखकर भावुक हो जाते और मदद का भरोसा देते, लेकिन कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आ सकी।
इस दौरान परिवार की हालत बेहद खराब हो गई। घर में मातम जैसा माहौल था। मां का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं पिता हर गुजरते दिन के साथ टूटता चला जा रहा था, लेकिन फिर भी उसने हार नहीं मानी। उसे उम्मीद थी कि शायद कहीं से कोई सूचना मिल जाए और उसका बेटा सही-सलामत वापस आ जाए।
कई दिनों की अथक तलाश के बाद जब सच्चाई सामने आई, तो वह बेहद दर्दनाक थी। लापता युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए।
परिजनों का आरोप है कि यदि शुरुआत में ही पुलिस गंभीरता दिखाती, समय रहते खोज अभियान चलाया जाता और तकनीकी संसाधनों का सही इस्तेमाल किया जाता, तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी। उनका कहना है कि लापता मामलों में शुरुआती घंटे बेहद अहम होते हैं, लेकिन यहां उस समय को यूं ही गंवा दिया गया।
फिलहाल परिवार मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहा है। वे चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए और यदि किसी की लापरवाही या भूमिका रही है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। वहीं पुलिस की ओर से जांच जारी होने और सभी पहलुओं को खंगालने की बात कही जा रही है।










