अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर तीखा हमला करते हुए नए नेतृत्व की जरूरत बताई। बयान को संभावित तख्तापलट का संकेत माना जा रहा है। राजनीति में बयानबाजी तेज होने की आशंका है।
America: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर सीधा और तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान में अब नए नेतृत्व (new leadership) का समय आ गया है। उन्होंने दावा किया कि खामेनेई की 37 साल पुरानी सत्ता को जड़ से उखाड़ फेंकना जरूरी हो गया है क्योंकि उनके नेतृत्व में ईरान पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। ट्रंप के इस बयान को ईरान में संभावित तख्तापलट (regime change) की ओर इशारा माना जा रहा है।
खामेनेई पर गंभीर आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई को सीधे तौर पर ईरान की बदहाली का जिम्मेदार ठहराया है। ट्रंप का कहना है कि खामेनेई ने हिंसा और दमन के बल पर सत्ता कायम रखी है। उनके अनुसार ईरान में सरकार डर के माहौल में चल रही है, जहां असहमति की कोई जगह नहीं बची है। ट्रंप ने यह भी कहा कि खामेनेई के फैसलों की वजह से देश में लगातार हिंसा फैल रही है और आम नागरिक इसकी कीमत चुका रहे हैं।
37 साल की सत्ता पर सवाल
ट्रंप ने दावा किया कि खामेनेई पिछले 37 वर्षों से सत्ता में बने हुए हैं लेकिन इस लंबे शासन का नतीजा ईरान के लिए विनाशकारी रहा है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक सत्ता में रहकर भी खामेनेई देश को स्थिरता और सम्मान नहीं दिला पाए। ट्रंप के मुताबिक, ईरान आज जिस हालत में है, उसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर मौजूदा नेतृत्व पर जाती है।
फांसी वाले बयान पर विवाद
शनिवार को दिए गए एक बयान में ट्रंप ने कहा कि खामेनेई का अब तक का सबसे अच्छा फैसला यह रहा है कि उन्होंने 800 से ज्यादा लोगों को फांसी नहीं दी। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस को और तेज कर दिया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान में विरोध को कुचलने के लिए हिंसा का सहारा लिया गया और बड़ी संख्या में लोगों को सजा दी गई। उनके मुताबिक, यह किसी भी responsible leadership की पहचान नहीं हो सकती।
नेतृत्व की परिभाषा पर ट्रंप का नजरिया

ट्रंप ने नेतृत्व को लेकर अपनी सोच भी खुलकर सामने रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी देश का नेतृत्व जनता के सम्मान और भलाई पर केंद्रित होना चाहिए, जैसे अमेरिका में होता है। उनके अनुसार, सत्ता बनाए रखने के लिए हजारों लोगों की जान लेना नेतृत्व नहीं कहलाता। ट्रंप ने कहा कि असली नेतृत्व डर और मौत से नहीं बल्कि सम्मान और विश्वास से चलता है।
खामेनेई को बताया ‘बीमार व्यक्ति’
अपने बयान में ट्रंप ने खामेनेई को ‘बीमार व्यक्ति’ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि खामेनेई के नेतृत्व में ईरान नरक से भी बदतर बन गया है। ट्रंप का दावा है कि ईरान आज दुनिया की सबसे खराब जगहों में से एक बन चुका है। उनका कहना है कि खामेनेई की नीतियों ने देश को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से पूरी तरह कमजोर कर दिया है।
खामेनेई का पलटवार
ट्रंप के इन बयानों पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी पलटवार किया है। खामेनेई ने कहा कि उन्होंने ईरान में चल रही साजिशों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने देश में हुई सभी मौतों और हिंसा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया है। खामेनेई ने ट्रंप को अपराधी करार देते हुए कहा कि ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों, मौतों, नुकसान और बदनामी के पीछे अमेरिका की भूमिका है।
प्रदर्शनों में हजारों मौतें
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं से जुड़ी अमेरिकी न्यूज एजेंसी HRANA के अनुसार, ईरान में हुए प्रदर्शनों के दौरान अब तक 3,090 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 2,885 प्रदर्शनकारी शामिल हैं जबकि 205 सुरक्षाकर्मी और अन्य सरकारी कर्मचारी बताए जा रहे हैं। यह आंकड़े ईरान की मौजूदा स्थिति की गंभीरता को दिखाते हैं और सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बढ़ाते हैं।
गिरफ्तारियों का बढ़ता आंकड़ा
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में 10 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, गिरफ्तार लोगों की सटीक संख्या अभी तक सामने नहीं आई है। बड़े पैमाने पर की गई इन गिरफ्तारियों ने मानवाधिकार संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। कहा जा रहा है कि हालात इतने गंभीर हैं कि मृतकों की संख्या 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान मारे गए लोगों से भी ज्यादा हो गई है।










