इजरायल की धमकी के बाद हुआ हमला, चीन ने Mojtaba Khamenei को निशाना बनाने का किया विरोध

इजरायल की धमकी के बाद हुआ हमला, चीन ने Mojtaba Khamenei को निशाना बनाने का किया विरोध

तेहरान में अमेरिकी-इजरायली हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई। उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया। भारत ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संयम बरतने का आह्वान किया।

World News: मिडिल ईस्ट में तनाव और संघर्ष तेज होता जा रहा है। इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। ईरान ने पुष्टि की है कि 28 फरवरी को तेहरान में समन्वित हवाई हमलों के दौरान 86 वर्षीय खामेनेई की हत्या की गई, जिसमें देश के प्रमुख सरकारी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस हमले के बाद मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया।

मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति

अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बाद मोजतबा खामेनेई को सर्वोच्च नेता घोषित किया गया। ईरान के सैन्य और राजनीतिक नेताओं ने उनके प्रति निष्ठा की शपथ ली। मोजतबा खामेनेई अपने पिता की नीति और मार्गदर्शन को जारी रखते हुए देश का नेतृत्व संभालेंगे। इस नियुक्ति के साथ ही मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का टकराव और तीव्र हो गया है।

ईरान का जवाब

खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने मध्य पूर्व में अपने सैन्य अभियान तेज कर दिए हैं। दक्षिणी लेबनान, बेरूत और ईरान के कई हिस्सों में हमले किए गए हैं। तेहरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान को विभाजित करना और देश से तेल छीनना है। ईरान का रुख स्पष्ट है कि वह अपनी संप्रभुता और ऊर्जा संसाधनों की रक्षा करेगा। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ गई है।

भारत के विदेश मंत्री का बयान

राज्यसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बढ़ती हिंसा और हमलों के कारण जानमाल की भारी हानि हुई है और बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है। इसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जयशंकर ने कहा कि यह संकट भारत के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि भारत का इस क्षेत्र के साथ घनिष्ठ संबंध हैं।

विदेश मंत्री ने सरकार के रुख को दोहराते हुए 28 फरवरी को जारी बयान का उल्लेख किया। इस बयान में सभी पक्षों से संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सभी राष्ट्रों की संप्रभुता का सम्मान करने का आह्वान किया गया था।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा

जयशंकर ने संसद को चल रहे बड़े पैमाने पर भारतीय नागरिकों की निकासी के प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में भारतीय दूतावास चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। आपातकालीन पुनर्वास उपायों के तहत पिछले दिन तक लगभग 67,000 भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंच चुके हैं।

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