नीरजा मोदी और जीडी गोयनका स्कूल की मान्यता CBSE ने रद्द की, छात्रों की पढ़ाई पर क्या होगा असर?

नीरजा मोदी और जीडी गोयनका स्कूल की मान्यता CBSE ने रद्द की, छात्रों की पढ़ाई पर क्या होगा असर?

CBSE ने नीरजा मोदी स्कूल, जयपुर और जीडी गोयनका स्कूल, गुरुग्राम की मान्यता सुरक्षा और छात्रों के हितों से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने के कारण रद्द कर दी है। बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के छात्रों को बोर्ड परीक्षा देने की अनुमति दी है, जबकि अन्य कक्षाओं के छात्रों के लिए शिफ्टिंग और सरकार द्वारा आगे के फैसले तय किए जाएंगे।

CBSE Action on Schools: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने नीरजा मोदी स्कूल, जयपुर और जीडी गोयनका स्कूल, गुरुग्राम की मान्यता रद्द कर दी है। यह कार्रवाई 2026-27 अकादमिक सत्र के लिए की गई, जब बोर्ड ने सुरक्षा मानकों और छात्रों के हितों का उल्लंघन पाया। बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के छात्रों को स्कूल के नाम से ही परीक्षा देने की सुविधा दी है, जबकि अन्य कक्षाओं के छात्रों को अन्य स्कूलों में शिफ्ट करने या राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार आगे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा में चूक बनी कार्रवाई की वजह

CBSE के मुताबिक, जीडी गोयनका स्कूल गुरुग्राम में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आया। जांच में पाया गया कि स्कूल परिसर को दो अन्य संस्थानों के साथ साझा किया जा रहा था और उनके बीच कोई स्पष्ट बाउंड्री वॉल नहीं थी। बोर्ड ने इसे छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा माना।

इसी आधार पर जीडी गोयनका स्कूल की मान्यता एक अकादमिक सत्र 2026-27 के लिए रद्द कर दी गई है। इस दौरान स्कूल नए एडमिशन नहीं ले सकेगा, हालांकि मौजूदा छात्रों को पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी गई है।

नीरजा मोदी स्कूल पर सख्त फैसला क्यों

जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल के मामले में CBSE ने और सख्त रुख अपनाया है। चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा के स्कूल परिसर में आत्महत्या के मामले में बोर्ड ने जांच कमेटी गठित की थी।

जांच में सामने आया कि छात्रा को स्कूल में प्रताड़ना झेलनी पड़ी और शिकायत के बावजूद स्कूल प्रशासन ने प्रभावी कदम नहीं उठाए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में भी गंभीर खामियां पाई गईं। इन्हीं कारणों से CBSE ने नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता स्थायी रूप से रद्द कर दी।

छात्रों के लिए क्या विकल्प तय किए गए

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 10वीं और 12वीं के छात्र दोनों स्कूलों के नाम से ही बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे, ताकि उनकी पढ़ाई और परीक्षा प्रभावित न हो। नीरजा मोदी स्कूल के 9वीं और 11वीं के छात्रों को 30 मार्च 2026 तक दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा।

पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के भविष्य पर राजस्थान सरकार फैसला लेगी। वहीं, जीडी गोयनका स्कूल में पढ़ रहे छात्र इस सत्र में अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे, लेकिन स्कूल नए दाखिले नहीं ले पाएगा।

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