मॉडल और अभिनेत्री नेहा शर्मा आज मंगलवार को नई दिल्ली स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुख्यालय में पेश हुईं। उन्हें ऑनलाइन बेटिंग एप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
Online Betting App Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। इसी कड़ी में मंगलवार को बॉलीवुड अभिनेत्री और मॉडल नेहा शर्मा नई दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय में पेश हुईं, जहां उनसे 1xBet ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर पूछताछ की जा रही है। इससे पहले इस मामले में उर्वशी रौतेला, सोनू सूद, शिखर धवन और सुरेश रैना जैसे नाम सामने आ चुके हैं।
ईडी अधिकारियों के अनुसार, नेहा शर्मा का बयान प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज किया जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अभिनेत्री को उक्त बेटिंग ऐप से जुड़े किसी प्रचार या एंडोर्समेंट के बदले भुगतान मिला था या नहीं।
1xBet से जुड़े प्रमोशनल लिंक की जांच
जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि नेहा शर्मा कुछ प्रमोशनल गतिविधियों के माध्यम से 1xBet प्लेटफॉर्म से जुड़ी हो सकती हैं। ईडी यह स्पष्ट करना चाहती है कि इन प्रचार गतिविधियों के बदले मिलने वाला पैसा किस माध्यम से आया, उसका स्रोत क्या था और क्या यह धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के दायरे में आता है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी डिजिटल विज्ञापन, सोशल मीडिया पोस्ट्स, बैंक अकाउंट ट्रांजैक्शन और विदेशी भुगतान चैनलों की गहन समीक्षा कर रही है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में नेहा शर्मा से पहले उर्वशी रौतेला, सोनू सूद, सुरेश रैना और पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन से भी पूछताछ हो चुकी है। ईडी ने इससे पहले शिखर धवन और सुरेश रैना से जुड़े करीब 11.14 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच भी किया था, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है। इन सभी से पूछताछ एंडोर्समेंट फीस, प्रमोशनल डील्स और विदेशी भुगतान चैनलों के माध्यम से किए गए ट्रांजैक्शन को लेकर की गई थी।

पिछले सप्ताह भेजा गया था समन
ईडी ने पिछले सप्ताह नेहा शर्मा को औपचारिक समन भेजा था, जिसमें उन्हें 2 दिसंबर 2025 को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित तिथि पर अभिनेत्री ईडी मुख्यालय पहुंचीं और एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की गहन जांच की जाएगी।
प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, 1xBet भारत में बिना आधिकारिक अनुमति के संचालित हो रहा था। यह प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए सरोगेट ब्रांडिंग, सोशल मीडिया विज्ञापनों और ऑनलाइन वीडियो प्रमोशन के जरिए भारतीय यूजर्स को टारगेट कर रहा था। ईडी के अनुसार, इस ऐप को प्रमोट करने के लिए दी गई एंडोर्समेंट फीस को विदेशी बिचौलियों और लेयर्ड ट्रांजैक्शन के माध्यम से भारत में भेजा गया, जिससे फंड के असली स्रोत को छिपाया जा सके। यही प्रक्रिया मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आती है।











