पाकिस्तान में दोहरे आतंकवादी हमले, 11 लोगों की मौत, सुरक्षा एजेंसियों ने संभाला कड़ा मोर्चा

पाकिस्तान में दोहरे आतंकवादी हमले, 11 लोगों की मौत, सुरक्षा एजेंसियों ने संभाला कड़ा मोर्चा

पाकिस्तान में भक्कर और कोहाट में दोहरे आतंकी हमलों में 11 लोग मारे गए। इसमें सुरक्षाकर्मी और आम नागरिक शामिल हैं। अंसार-उल-इस्लाम संगठन ने जिम्मेदारी ली। सुरक्षा एजेंसियां इलाके में सतर्क और तलाशी अभियान में लगी हैं।

Pakistan: पाकिस्तान में मंगलवार को दो अलग-अलग आतंकी हमलों ने देश की सुरक्षा को चुनौती दी। इन हमलों में कुल 11 लोग मारे गए, जिनमें बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। पहला हमला पंजाब प्रांत के भक्कर जिले में हुआ जबकि दूसरा हमला खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट इलाके में पुलिस वाहन को निशाना बनाकर किया गया। इन घटनाओं ने पाकिस्तान में सुरक्षा हालात को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

पंजाब में आत्मघाती हमला

भक्कर जिले के दज्जाल इंटर-स्टेट चेक पोस्ट पर आतंकियों ने आत्मघाती हमला किया। इस हमले में कम से कम चार पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। घटनास्थल से सामने आए वीडियो फुटेज ने हमले के आत्मघाती होने की पुष्टि की। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि हमले की जिम्मेदारी अंसार-उल-इस्लाम नामक आतंकी संगठन ने ली है।

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार हमलावर की पहचान अबू दर्दा के रूप में हुई है। यह पहला मौका है जब अंसार-उल-इस्लाम ने इस तरह के हमले की जिम्मेदारी ली है। अंसार-उल-इस्लाम को पहले खैबर क्षेत्र में सक्रिय एक बरेलवी चरमपंथी संगठन के रूप में जाना जाता था, जिसकी अगुवाई पीर सैफुर रहमान करते थे। संगठन के अब तक के गतिविधियों में क्षेत्रीय आतंक और चरमपंथी संदेश फैलाना शामिल रहा है।

खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस वाहन पर हमला

उसी दिन खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट इलाके में आतंकियों ने पुलिस वाहन पर हमला किया। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने बताया कि इस हमले में पांच पुलिसकर्मी मारे गए, जिनमें एक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल था। इसके अलावा दो आम नागरिकों की भी जान चली गई।

इस हमले से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। हमलावरों की तलाश जारी है और सुरक्षा बल पूरे इलाके में सतर्कता बरत रहे हैं।

सुरक्षा हालात पर बढ़ती चिंताएं

दोनों हमलों के बाद पाकिस्तान में सुरक्षा हालात को लेकर गंभीर चिंता बढ़ गई है। पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में सुरक्षाकर्मी और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गए हैं। जांच एजेंसियां आतंकियों के नेटवर्क का पता लगाने और आगे के हमलों को रोकने के लिए छानबीन कर रही हैं। प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और सुरक्षा चेकपोस्ट्स पर तैनाती कड़ी कर दी गई है।

अंसार-उल-इस्लाम का आतंकवादी इतिहास

अंसार-उल-इस्लाम संगठन पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में सक्रिय है। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ना और आतंक फैलाना है। संगठन ने पहले कभी इस प्रकार के आत्मघाती हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली थी। अबू दर्दा के नेतृत्व में किए गए इस हमले ने संगठन की क्षमताओं और जोखिम को उजागर किया है।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां दोनों हमलों के तुरंत बाद सक्रिय हो गईं। पुलिस ने प्रभावित इलाकों में गश्त बढ़ाई और सभी संभावित मार्गों की जांच शुरू कर दी। गृह मंत्रालय ने आश्वासन दिया कि आतंकियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जो भी इसमें शामिल है, उसे न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।

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