Alexander Stubb ने हाल ही में आयोजित Raisina Dialogue में India की विदेश नीति की जमकर तारीफ की और इस बात पर जोर दिया कि भारत को United Nations Security Council की स्थाई सदस्यता मिलनी चाहिए।
नई दिल्ली: Alexander Stubb ने रायसीना डायलॉग 2026 में भारत की विदेश नीति की तारीफ करते हुए कहा कि दुनिया को एक नए, भरोसे और सहयोग पर आधारित वर्ल्ड ऑर्डर की जरूरत है। उन्होंने भारत को इस बदलाव में अगुआ बनने का सुझाव दिया और इसके लिए ‘न्यू दिल्ली मूवमेंट’ शुरू करने की वकालत की। इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi ने किया। विदेश मंत्री S. Jaishankar समेत कई गणमान्य हस्तियां इस मौके पर मौजूद रही।
मौजूदा वर्ल्ड ऑर्डर का अंत
अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि वर्तमान का रूल्ड-बेस्ड वर्ल्ड ऑर्डर दम तोड़ चुका है। उनका मानना है कि पश्चिमी देशों के प्रभुत्व वाला युग समाप्त हो रहा है और ग्लोबल साउथ की शक्ति तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत दुनिया को यह दिखा सकता है कि विवादों और संघर्षों से भरी दुनिया में नया वर्ल्ड ऑर्डर कैसे होना चाहिए।
स्टब ने कहा, "विश्व में भरोसा और सहयोग पर आधारित व्यवस्था की जरूरत है, और इसमें भारत की भूमिका सबसे अहम है।" उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में दुनिया को भारत से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है क्योंकि स्वतंत्रता के बाद से ही भारत की विदेश नीति सर्वतोन्मुखी रही है और उसने गुटनिरपेक्षता के साथ कई अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को आगे बढ़ाया है।

विदेश मंत्री जयशंकर की तारीफ
स्टब ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर की तारीफ करते हुए उनके बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि "यूरोप की समस्या वर्ल्ड की समस्या है, लेकिन वर्ल्ड की समस्या यूरोप की समस्या नहीं है।" स्टब ने कहा कि वैश्विक युद्ध और समस्याओं से निपटने के लिए देशों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि भारत की ताकत उसकी सक्रिय विदेश नीति और एक्टिव इंगेजमेंट में है। उन्होंने कहा, "भारत ने कभी खुद को आइसोलेट नहीं किया। यूरोपियन यूनियन और अन्य देशों के साथ भारत का संबंध म्यूचुअल रिस्पेक्ट और कॉमन इंटरेस्ट पर आधारित रहा है।" उन्होंने कहा कि यह रणनीति कलेक्टिव सिक्योरिटी को भी मजबूती देती है।
कौटिल्य के अर्थशास्त्र और भारत की वैश्विक भूमिका
स्टब ने अपने संबोधन में कौटिल्य और उनके अर्थशास्त्र का उल्लेख किया और कहा कि इससे दुनिया को व्यवस्थित दिशा देने का मार्ग मिलता है। उन्होंने भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थाई सदस्यता की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि भारत को WTO और वैश्विक ट्रेड सिस्टम में लीडरशिप निभानी चाहिए।
स्टब ने एआई (AI) को जीवन बदलने वाली तकनीक बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में भारत अग्रणी भूमिका निभा सकता है। साथ ही, उन्होंने रीजनल इंस्टीट्यूशंस को सक्रिय और प्रभावशाली बनाने पर जोर दिया।










