सऊदी अरब और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने खाड़ी क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, ईरान सीधे या यमन में हूती विद्रोहियों के माध्यम से सऊदी अरब के शीर्ष नेताओं को निशाना बना सकता है, जिससे शाही परिवार में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
रियाद: सऊदी अरब के शाही परिवार को डर है कि ईरान देश के शीर्ष नेताओं को निशाना बना सकता है। इस वजह से टॉप लीडर्स ने सीक्रेट ऑनलाइन बैठकें शुरू कर दी हैं। The Jerusalem Post की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सऊदी अरब को चिंता है कि ईरान सीधे या यमन में हूतियों के जरिए देश के सीनियर अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है। ईरान के खिलाफ इजरायल-अमेरिकी युद्ध शुरू होने के बाद से रियाद ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं।
ऑनलाइन हाई-लेवल मीटिंग्स में बढ़ी सक्रियता
द जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी शाही नेतृत्व ने ऑनलाइन उच्च स्तरीय बैठकें शुरू कर दी हैं। आम तौर पर सऊदी के लीडर रूटीन समय में ऐसे वीडियो मीटिंग्स नहीं करते, लेकिन वर्तमान तनावपूर्ण परिस्थितियों ने उन्हें इस कदम के लिए मजबूर कर दिया है। ये बैठकें मुख्य रूप से सुरक्षा रणनीति और संभावित ईरानी हमलों से निपटने पर केंद्रित हैं।
जंग शुरू होने के बाद से ईरान ने सऊदी अरब की तरफ कई मिसाइल और ड्रोन हमला किए हैं। इन हमलों के टारगेट में रियाद में स्थित CIA हेडक्वार्टर, अरामको की तेल फैसिलिटी और अन्य नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। ईरान ने साफ कहा है कि जिन देशों से उसपर हमले हो रहे हैं, वे उसके लिए वैध निशाना हैं और उसका किसी भी पड़ोसी देश से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है।

सऊदी रणनीति में बदलाव
प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के नियर ईस्टर्न स्टडीज के प्रोफेसर और हडसन इंस्टीट्यूट के सीनियर फेलो बर्नार्ड हेकेल ने कहा कि सऊदी अरब की रणनीति पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने बताया कि सऊदी अब सोच रहे हैं कि उन्हें किस स्तर पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए और क्या उन्हें काउंटरअटैक करना चाहिए। हेकेल ने कहा, “सऊदी अरब की रेड लाइन यह थी कि अगर उनके नागरिक ठिकानों पर हमला होगा तो वे ईरान पर जवाबी कार्रवाई करेंगे। अब स्थिति उसी दिशा में बढ़ रही है। ईरानी हमले उनकी उम्मीद से कहीं अधिक खतरनाक हैं।
अमेरिका के पूर्व राजदूत माइकल रैटनी ने कहा कि सऊदी नेतृत्व अब बहुत सतर्क हो गया है। उन्होंने बताया कि ईरानी हमले शाही परिवार के लिए वास्तविक खतरे पैदा कर रहे हैं, लेकिन बेकाबू अफरा-तफरी के डर के कारण सऊदी अरब का जवाब अभी नियंत्रित और सावधानीपूर्ण है। सऊदी लीडरशिप ने सुरक्षा उपायों को बढ़ाते हुए शाही परिवार के आवास और सरकारी कार्यालयों में अतिरिक्त सुरक्षा तैनात कर दी है। विशेष सुरक्षा टीमों को महत्वपूर्ण ठिकानों पर तैनात किया गया है। इसके अलावा, ईरानी हमलों की निगरानी के लिए ड्रोन और सैटेलाइट सिस्टम का उपयोग भी बढ़ा दिया गया है।












