फरवरी 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 25,978 करोड़ रुपये रहा, जो जनवरी से 8% अधिक है। SIP इनफ्लो 29,845 करोड़ रुपये पर गिरा। निवेशक फ्लेक्सी, मिड और स्मॉल कैप फंड में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।
Mutual Funds: फरवरी 2026 में म्यूचुअल फंड निवेशकों ने इक्विटी फंड में कुल 25,978 करोड़ रुपये का निवेश किया, जो जनवरी के मुकाबले 8 फीसदी अधिक है। निवेश में तेजी के पीछे भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते से निवेशकों का भरोसा बढ़ना एक बड़ा कारण माना जा रहा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) ने फरवरी माह के आंकड़े मंगलवार को जारी किए। इन आंकड़ों से पता चला कि निवेशकों का रुझान फ्लेक्सी कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप जैसी स्कीम्स में अधिक रहा।
SIP इनफ्लो में गिरावट
हालांकि फरवरी में कुल इक्विटी निवेश बढ़ा, लेकिन सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश 4 फीसदी गिरकर 29,845 करोड़ रुपये पर आ गया। जनवरी में SIP इनफ्लो 31,002 करोड़ रुपये था। AMFI के अनुसार, फरवरी में कम वर्किंग दिनों की वजह से SIP में यह कमी आई। इसके बावजूद निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत बना रहा।
फ्लेक्सी कैप फंड में सबसे ज्यादा निवेश
फरवरी में निवेशकों ने फ्लेक्सी कैप फंड में सबसे ज्यादा 6,924.65 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके बाद मिड कैप फंड में 4,003 करोड़ रुपये और स्मॉल कैप फंड में 3,881 करोड़ रुपये का निवेश आया। सेक्टोरल और थीमैटिक फंड में 2,987 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि लार्ज कैप फंड में शुद्ध निवेश 2,112 करोड़ रुपये दर्ज हुआ। वहीं ईएलएसएस फंड में 650 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई, जो निवेशकों के मुनाफा वसूली या टैक्स बचत निवेश कम करने का संकेत देती है।
डेट और हाइब्रिड फंड का रुझान
फरवरी में डेट म्यूचुअल फंड में 42,106 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जो जनवरी के 74,827 करोड़ रुपये से कम है। हाइब्रिड स्कीम्स में 11,983.37 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो रहा। वहीं गोल्ड ETF में फरवरी में 5,255 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि जनवरी में यह 24,040 करोड़ रुपये और दिसंबर में 11,647 करोड़ रुपये था।
निवेशकों की रणनीति में बदलाव
इन्क्रेड मनी के सीईओ नितिन अग्रवाल का कहना है कि फरवरी के आंकड़ों से यह साफ दिखता है कि निवेशक अब धीरे-धीरे डिफेंसिव स्ट्रैटेजी से हटकर लंबी अवधि में वेल्थ बनाने के लिए इक्विटी की ओर लौट रहे हैं। जनवरी में गोल्ड ETF में रिकॉर्ड निवेश देखने को मिला था, लेकिन फरवरी में यह गति थोड़ी धीमी हुई। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में सुधार और वैल्यूएशन बेहतर होने के कारण निवेशकों ने इक्विटी फंड को प्राथमिकता दी।
मिड और स्मॉल कैप फंड में बढ़ती दिलचस्पी
मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के कार्यकारी निदेशक अखिल चतुर्वेदी ने बताया कि फरवरी में म्यूचुअल फंड की कुल बिक्री 65,542 करोड़ रुपये रही, जो जनवरी के 69,642 करोड़ रुपये से कम है।
हालांकि शुद्ध बिक्री लगभग स्थिर रही और यह 27,385 करोड़ रुपये रही। फरवरी केवल 28 दिन का महीना था, इसलिए अगर इसे 30 दिन के आधार पर देखा जाए तो कुल बिक्री लगभग 70,224 करोड़ रुपये और शुद्ध बिक्री करीब 29,341 करोड़ रुपये के बराबर आती है। इससे पता चलता है कि निवेश की रफ्तार मजबूत बनी हुई है।
अखिल चतुर्वेदी के अनुसार, निवेशकों की मिड और स्मॉल कैप फंड में दिलचस्पी लगातार बनी हुई है, जबकि लार्ज कैप फंड में भी शुद्ध निवेश में सुधार देखा गया। हाइब्रिड, वैल्यू, कॉन्ट्रा और मल्टी कैप कैटेगरी में निवेश की रफ्तार पहले के मुकाबले धीमी रही। वहीं हाइब्रिड फंड और गोल्ड ETF में भी निवेश बना हुआ है, जो निवेशकों द्वारा पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने और वैश्विक अनिश्चितता के खिलाफ सुरक्षा अपनाने का संकेत देता है।











