Harpal Singh Cheema ने Punjab विधानसभा में 2025-26 का ₹2.36 लाख करोड़ का बजट पेश किया। बजट में महिलाओं के लिए मासिक आर्थिक सहायता, नशा विरोधी अभियान और सीमा सुरक्षा मजबूत करने जैसे कई बड़े ऐलान किए गए।
Punjab Budget: पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹2,36,080 करोड़ का बजट विधानसभा में पेश किया है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य “बदलता पंजाब” के विजन को आगे बढ़ाना है। इस बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, उद्योग, कृषि, खेल और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सरकार का कहना है कि यह बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों को सीधा लाभ पहुंचाने पर केंद्रित है। खास तौर पर महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई है।
पंजाब की अर्थव्यवस्था में मजबूती का दावा
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था लगातार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। चालू वित्त वर्ष में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर करीब 9 प्रतिशत दर्ज की गई है, जिसे सरकार एक सकारात्मक संकेत मान रही है।
उन्होंने बताया कि पंजाब का सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी जीएसडीपी लगभग ₹8,09,538 करोड़ तक पहुंच गया है। सरकार को उम्मीद है कि आने वाले वित्त वर्ष में इसमें करीब 10 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।
सरकार का मानना है कि निवेश, उद्योग और कृषि क्षेत्र में बढ़ते अवसरों के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सकती है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बजट में विकास से जुड़े कई प्रावधान किए गए हैं।
महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा
इस बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजना शामिल है। विधानसभा में घोषणा करते हुए बताया गया कि राज्य की महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इस योजना के तहत जनरल कैटेगरी की महिलाओं को हर महीने ₹1000 दिए जाएंगे। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को ₹1500 प्रति माह की सहायता राशि मिलेगी।
यह राशि ‘मुख्यमंत्री माताएं-बेटियां सत्कार योजना’ के तहत सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। सरकार का मानना है कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं को घरेलू खर्च और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
नशे के खिलाफ अभियान को और तेज करने की योजना
पंजाब में लंबे समय से नशे की समस्या को लेकर चिंता जताई जाती रही है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और मजबूत करने की घोषणा की है।
सरकार ने “युद्ध नशे दे विरुद्ध” अभियान को तेज करने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

सरकार का कहना है कि इस समस्या से निपटने के लिए केवल कानून लागू करना ही नहीं बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से इस अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत करने पर जोर
बजट में सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। सरकार ने कहा है कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 5,000 होमगार्ड जवानों की तैनाती की जाएगी।
ये जवान सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के साथ मिलकर दूसरी सुरक्षा पंक्ति के रूप में काम करेंगे। इससे सीमा क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों और तस्करी को रोकने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।
ड्रोन तस्करी रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम
हाल के वर्षों में सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आए हैं। इसे देखते हुए सरकार ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।
बजट में घोषणा की गई है कि सीमा क्षेत्रों में अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे। इन सिस्टम के जरिए संदिग्ध ड्रोन की पहचान कर उन्हें रोका जा सकेगा।
इन सुरक्षा उपायों के लिए बजट में ₹110 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे सीमा पार से होने वाली तस्करी को रोकने में बड़ी मदद मिलेगी।
पहली बार कराया जाएगा ड्रग सेंसस
नशे की समस्या को बेहतर तरीके से समझने के लिए पंजाब सरकार ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की है। राज्य में पहली बार “ड्रग सेंसस” कराया जाएगा।
इस सर्वे के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि राज्य में नशे का प्रसार किस स्तर तक है और इसके सामाजिक तथा आर्थिक प्रभाव क्या हैं। इस अध्ययन के आधार पर भविष्य में नशे के खिलाफ अधिक प्रभावी नीतियां बनाई जा सकेंगी।
सरकार ने इस ड्रग सेंसस के लिए बजट में ₹150 करोड़ का प्रावधान रखा है। अधिकारियों का कहना है कि इस सर्वे से नशे की समस्या से जुड़े वास्तविक आंकड़े सामने आएंगे।
विकास के कई क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
पंजाब बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी गई है। सरकार का कहना है कि इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाकर राज्य के समग्र विकास को गति दी जाएगी।
खेती और उद्योग को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा खेल और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को भी आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है।












