देश में साहस, प्रतिभा और देशभक्ति की मिसाल पेश करने वाले 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इन बच्चों ने वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला एवं संस्कृति और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दिया।
नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर में जहां भारतीय सेना ने पाकिस्तान की योजनाओं को नाकाम किया, वहीं इस अभियान में एक 'नन्हा सिपाही' भी था जिसने ऑपरेशन में लगे सैनिकों तक लगातार खाने-पीने का सामान पहुंचाकर उनकी हौसला अफजाई की। इस देशभक्ति और साहस के लिए इस नन्हे हीरो को अब मान्यता दी गई है। केंद्र सरकार ने सेना की मदद करने वाले इस बच्चे को प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार से सम्मानित किया है।
ऑपरेशन सिंदूर में नन्हा हीरो
ऑपरेशन सिंदूर एक सैन्य अभियान था, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। इस अभियान में सैनिकों की सुरक्षा और हौसला बढ़ाने में एक ‘नन्हा सिपाही’ श्रवण ने अद्वितीय योगदान दिया। उन्होंने सैनिकों तक लगातार खाना, पानी और अन्य आवश्यक सामग्री पहुँचाकर उनका मनोबल बढ़ाया।
श्रवण ने बताया, “जब ऑपरेशन शुरू हुआ और हमारे देश के जवान पाकिस्तान के साथ लड़ाई में लगे थे, तो हमारे गांव में फौजी आए। मैंने सोचा कि हमें उनके लिए मदद करनी चाहिए। मैं दूध, चाय, लस्सी और बर्फ लेकर सैनिकों तक जाता था। आज मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे इस तरह सम्मानित किया जाएगा।”
पीएम बाल पुरस्कार: बच्चों के साहस और प्रतिभा का सम्मान
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार का उद्देश्य बालकों में नेतृत्व, सेवा भावना और राष्ट्रीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है। इस पुरस्कार के माध्यम से देशभर के बच्चे जो असाधारण साहस, समाज सेवा और शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाता है। इस बार पुरस्कार विजेताओं की सूची में 20 बालक और बालिकाएं शामिल हैं। इन बच्चों ने न केवल अपने व्यक्तिगत क्षेत्र में उत्कृष्टता दिखाई, बल्कि समाज और देश की सेवा में भी योगदान दिया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह में पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और कहा कि ये बच्चे अपने परिवार, समुदाय और पूरे देश के लिए गौरवान्वित करने वाले उदाहरण हैं। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे इसी तरह समाज सेवा और देशभक्ति में आगे बढ़ते रहें। राष्ट्रपति ने कहा,
'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के विजेता बालकों ने अपने साहस, प्रतिभा और समर्पण से समाज और देश में मिसाल कायम की है। इन बच्चों ने न केवल अपने परिवार और समुदाय को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे देश को भी गर्व महसूस कराया है।'
इस साल पुरस्कार विजेताओं में ऐसे बच्चे शामिल हैं जिन्होंने सैन्य सेवा, विज्ञान, खेल, कला, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा में अद्वितीय योगदान दिया। श्रवण की कहानी विशेष रूप से प्रेरक है क्योंकि उसने अपने छोटे से उम्र में ही देशभक्ति का उदाहरण पेश किया।










