राजा वडिंग ने बूटा सिंह पर टिप्पणी पर मांगी माफी, बोले पिता समान हैं

राजा वडिंग ने बूटा सिंह पर टिप्पणी पर मांगी माफी, बोले पिता समान हैं

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने तरनतारन उपचुनाव प्रचार के दौरान दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह पर की गई टिप्पणी के लिए बिना शर्त माफी मांग ली है। बढ़ती आलोचना और अनुसूचित जाति आयोग की कार्रवाई के बाद वडिंग ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था और बूटा सिंह उनके लिए पिता समान हैं।

Raja Vading Apology: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने तरनतारन उपचुनाव के प्रचार के दौरान दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह पर टिप्पणी करने पर सोमवार को बिना शर्त माफी मांगी। यह बयान उपचुनाव अभियान के बीच सामने आया, जब विरोधी दलों और सोशल मीडिया पर उनकी टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया हुई। अनुसूचित जाति आयोग ने वडिंग को 6 नवंबर को पेश होने का नोटिस भी भेजा है। वडिंग ने स्पष्ट किया कि उनका किसी की गरिमा ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था और बूटा सिंह हमेशा उनके लिए पिता समान रहे हैं।

टिप्पणी विवाद के बीच माफी

तरनतारन उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में भाषण देते हुए वडिंग की टिप्पणी राजनीतिक विवाद का कारण बन गई। विरोधी दलों ने इसे दिवंगत नेता के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला बयान बताया और कड़ी आलोचना की। सोशल मीडिया पर भी वडिंग के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

विवाद तेज होने के बाद वडिंग ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी किसी को आहत करने की मंशा नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर किसी को उनकी बात से ठेस पहुंची है तो वह दिल से माफी मांगते हैं और बूटा सिंह हमेशा उनके लिए पिता समान रहे हैं।

आयोग की कार्रवाई और विपक्ष का हमला

पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लेकर वडिंग को 6 नवंबर को पेश होने का नोटिस भेजा। आयोग का कहना है कि यह मामला संवेदनशील है और इसकी जांच की जाएगी। आयोग की इस कार्रवाई ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।

वहीं, AAP, BJP और दलित संगठनों ने वडिंग को निशाने पर लिया। पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा और भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को ऐसी भाषा से बचना चाहिए और दिवंगत नेताओं का सम्मान करना चाहिए। विपक्ष ने माफी को राजनीतिक दबाव में उठाया गया कदम बताया।

क्या आगे बढ़ेगा मामला

वडिंग की बिना शर्त माफी के बावजूद विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। आयोग की कार्रवाई और विपक्ष के हमले से यह मामला उपचुनाव में भी मुद्दा बन सकता है। अब नजर इस बात पर है कि आयोग की सुनवाई में क्या कदम उठाए जाते हैं और राजनीतिक सियासत किस दिशा में जाती है।

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