पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा विवाद खुली जंग में बदल गया है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के ऐलान के बाद काबुल और कंधार पर हवाई हमले किए गए। तालिबान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया, सीमा पर भारी गोलीबारी जारी है।
Pakistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहा सीमा विवाद अब खुले संघर्ष में बदल गया है। दोनों देशों के बीच तनाव पहले भी कई बार बढ़ा, लेकिन इस बार हालात कहीं ज्यादा गंभीर दिखाई दे रहे हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगान तालिबान के खिलाफ ‘खुले युद्ध’ की घोषणा कर दी है। इस ऐलान के बाद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं और दोनों ओर से कार्रवाई की पुष्टि की जा रही है।
ख्वाजा आसिफ का युद्ध का ऐलान
इस्लामाबाद की ओर से जारी बयान में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान के सब्र की सीमा पार हो चुकी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट लिखा कि अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच खुला युद्ध है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई प्रमुख शहरों पर हवाई हमले किए। पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई सीमा पार से हो रही गतिविधियों के जवाब में की गई है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए यह कदम उठाया गया।

काबुल और कंधार पर हवाई हमले
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और कंधार सहित कई इलाकों में एयर स्ट्राइक की पुष्टि की है। पाकिस्तानी सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने बताया कि काबुल, पक्तिया प्रांत और कंधार में तालिबान के रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया गया।
पाकिस्तान एयर फोर्स ने 27 फरवरी 2026 की रात ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ के तहत बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। सरकारी मीडिया के अनुसार इस ऑपरेशन में कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान का दावा है कि इस कार्रवाई में 72 तालिबान लड़ाके मारे गए, जबकि कुछ रिपोर्टों में कुल 133 लड़ाकों के मारे जाने की बात कही गई है।
तालिबान की प्रतिक्रिया
अफगान तालिबान सरकार ने भी हवाई हमलों की पुष्टि की है। हालांकि उनका कहना है कि इन हमलों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। तालिबान के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने X पर बयान जारी कर कहा कि काबुल, कंधार और अन्य प्रांतों में हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि कंधार और हेलमंद की दिशा से पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए गए। तालिबान का दावा है कि उन्होंने सीमा पर कई जगहों पर पाकिस्तान की चौकियों को निशाना बनाया।
सीमा पर भारी गोलीबारी और विस्फोट

काबुल में मौजूद अंतरराष्ट्रीय मीडिया एजेंसी एएफपी के पत्रकारों ने जेट विमानों की आवाजें और कई जोरदार विस्फोट सुने। बताया गया कि दो घंटे से अधिक समय तक गोलीबारी चलती रही।
सीमा पर जारी संघर्ष में दोनों पक्षों ने दर्जनों लोगों के हताहत होने की बात स्वीकार की है। अफगान अधिकारियों के अनुसार जमीनी हमले के दौरान आठ सैनिक मारे गए। वहीं तोरखम सीमा चौकी के पास कई नागरिक घायल हुए।
नांगरहार प्रांत के सूचना प्रमुख ने बताया कि एक मोर्टार शेल शरणार्थी शिविर पर गिरा, जिससे सात लोग घायल हुए और एक महिला की हालत गंभीर है।
हाल के महीनों से बढ़ रहा था तनाव
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव नया नहीं है। पिछले कई महीनों में सीमा पर कई झड़पें हो चुकी हैं। दोनों देशों के बीच डूरंड लाइन को लेकर विवाद लंबे समय से चला आ रहा है।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान सीमा से उसके खिलाफ गतिविधियां संचालित हो रही हैं। दूसरी ओर तालिबान सरकार का कहना है कि पाकिस्तान अनावश्यक दबाव बना रहा है। हाल की घटनाओं ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है।











