SMVDU Jammu: वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की MBBS मान्यता रद्द, छात्रों का होगा स्थानांतरण

SMVDU Jammu: वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की MBBS मान्यता रद्द, छात्रों का होगा स्थानांतरण

श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज, जम्मू की MBBS मान्यता NMC ने गंभीर खामियों के चलते रद्द कर दी है। निरीक्षण में फैकल्टी, डॉक्टरों, मरीजों और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी सामने आई। राहत यह है कि पहले से दाखिल MBBS छात्रों की सीटें सुरक्षित रहेंगी।

SMVDU Medical College Recognition Cancellation Case: राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) ने 2 जनवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस का औचक निरीक्षण किया, जिसमें गंभीर कमियां पाई गईं। कॉलेज में शिक्षकों और डॉक्टरों की भारी कमी, मरीजों की कम संख्या और बुनियादी ढांचे की कमजोर स्थिति सामने आई। इन्हीं कारणों से NMC ने 2025–26 सत्र के लिए MBBS कोर्स की अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी। हालांकि, मौजूदा छात्रों को अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा।

क्यों रद्द हुई SMVDU मेडिकल कॉलेज की मान्यता?

NMC के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने 2 जनवरी 2026 को कॉलेज का औचक निरीक्षण किया था। जांच में सबसे बड़ी कमी फैकल्टी और डॉक्टरों की भारी कमी के रूप में सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक कॉलेज में तय मानकों से करीब 39 प्रतिशत कम शिक्षक कार्यरत थे।

स्थिति यहीं नहीं रुकी। ट्यूटर, प्रदर्शक और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की संख्या में करीब 65 प्रतिशत तक की कमी पाई गई। एक मेडिकल कॉलेज में मजबूत फैकल्टी और अनुभवी डॉक्टर छात्रों की ट्रेनिंग की रीढ़ होते हैं, लेकिन यहां यह बुनियादी ढांचा ही कमजोर मिला।

मरीजों और सुविधाओं की हकीकत

निरीक्षण में अस्पताल की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में रही। नियमों के अनुसार ओपीडी में रोजाना कम से कम 400 मरीज होने चाहिए थे, जबकि औसतन सिर्फ 182 मरीज ही पहुंच रहे थे। इसी तरह बेड ऑक्यूपेंसी भी केवल 45 प्रतिशत रही, जबकि मानक 80 प्रतिशत है।

आईसीयू, डिलीवरी केस और ऑपरेशन थिएटर की स्थिति भी निराशाजनक पाई गई। लाइब्रेरी में जरूरी किताबों और मेडिकल जर्नल्स की भारी कमी थी। कई विभागों में लैब, लेक्चर हॉल और रिसर्च रूम जैसी मूलभूत सुविधाएं भी अधूरी थीं, जो NMC के नियमों का सीधा उल्लंघन है।

MBBS छात्रों का अब क्या होगा?

मान्यता रद्द होने के बाद सबसे बड़ा सवाल छात्रों के भविष्य को लेकर उठा। NMC ने इस पर साफ किया है कि 2025-26 सत्र में जिन छात्रों ने दाखिला लिया है, उनकी सीटें सुरक्षित रहेंगी। किसी भी छात्र को कोर्स छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।

इन छात्रों को अतिरिक्त सीटों के तौर पर जम्मू-कश्मीर के अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया केंद्र शासित प्रदेश की सरकार के स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में होगी, ताकि पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।

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