झालाना में कर्मचारी चयन बोर्ड भवन में काम करते समय मजदूर शिवराज बैरवा की लिफ्ट शाफ्ट में गिरने से मौत हो गई। परिजनों ने ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस जांच जारी है।
Rajasthan: जयपुर के झालाना क्षेत्र में स्थित कर्मचारी चयन बोर्ड भवन में मंगलवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। भवन के बेसमेंट में काम कर रहा 23 वर्षीय मजदूर शिवराज बैरवा लिफ्ट की खाली जगह में गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही गंभीर हालत हो गई। साथी मजदूरों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
मृतक की पहचान शिवराज बैरवा (23) पुत्र किशन लाल बैरवा, निवासी ग्राम पीपला, तहसील माधोराजपुरा, जिला जयपुर के रूप में हुई है। वह R.S.R.D.C. LTD., जयपुर के अंतर्गत कर्मचारी चयन बोर्ड भवन में काम कर रही ठेकेदार फर्म किशोरी कंस्ट्रक्शन कंपनी में मजदूरी करता था।
घटना 5 जनवरी की रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है। उस समय शिवराज बेसमेंट में VDC (CC) फर्श का काम कर रहा था। काम के दौरान वह पानी पीने के लिए ग्राउंड फ्लोर पर गया और वापस लौटते समय यह हादसा हो गया।
बिना सुरक्षा के खुला था लिफ्ट शाफ्ट
मृतक के पिता प्रहलाद बैरवा ने गांधी नगर थाना (जयपुर ईस्ट) में ठेकेदार फर्म के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, भवन में लिफ्ट का शाफ्ट करीब 25 से 30 फीट गहरा था, जिसे पूरी तरह खुला छोड़ दिया गया था। वहां किसी तरह की सुरक्षा जाली, बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे।

इसके अलावा घटनास्थल पर पर्याप्त रोशनी की भी व्यवस्था नहीं थी। अंधेरा होने के कारण शिवराज को लिफ्ट का गड्ढा नजर नहीं आया और वह सीधे उसमें गिर गया। परिजनों का आरोप है कि यदि ठेकेदार ने सुरक्षा मानकों का पालन किया होता, तो यह हादसा टल सकता था।
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने 108 एंबुलेंस को बुलाया और शिवराज को जयपुरिया अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने दिया धरना
मजदूर की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने ठेकेदार की लापरवाही को मौत का जिम्मेदार बताते हुए न्याय और मुआवजे की मांग की। मंगलवार सुबह से परिजनों ने जयपुरिया अस्पताल में धरना शुरू कर दिया। परिजनों और प्रशासन के बीच देर रात तक सहमति नहीं बन सकी, जिसके चलते पोस्टमॉर्टम भी नहीं हो पाया। परिजन अस्पताल परिसर में बैठे रहे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते रहे।
इधर, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों की कितनी अनदेखी की गई और इसमें ठेकेदार की जिम्मेदारी किस हद तक बनती है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












