सोशल मीडिया पर हर दिन करोड़ों पोस्ट शेयर की जाती हैं, लेकिन इसके बावजूद यूजर्स का जुड़ाव लगातार घट रहा है। यह तथ्य The State of Social Media Engagement 2026 में सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, यूजर्स अब पोस्ट के साथ पहले की तुलना में कम एंगेजमेंट दिखा रहे हैं।
टेक्नोलॉजी न्यूज़: दुनिया भर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हर दिन अरबों पोस्ट साझा किए जाते हैं। इसके बावजूद यूजर्स का इन पोस्ट्स के साथ जुड़ाव यानी एंगेजमेंट लगातार घटता जा रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म Buffer द्वारा जारी रिपोर्ट “The State of Social Media Engagement 2026” में यह अहम खुलासा किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, 52 मिलियन से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट और लगभग 1.91 लाख मासिक यूजर्स के डेटा का विश्लेषण करने पर पाया गया कि कई प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर एंगेजमेंट दर में गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि एल्गोरिदम में बदलाव, एआई-जनरेटेड कंटेंट की बढ़ती मात्रा और सुझाए गए पोस्ट की संख्या बढ़ने के कारण यूजर्स को अपनी पसंद का कंटेंट कम दिखाई दे रहा है।
कई बड़े प्लेटफॉर्म्स पर एंगेजमेंट में गिरावट
रिपोर्ट में कई प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के डेटा का विश्लेषण किया गया। इसके अनुसार Instagram पर यूजर्स की इंटरैक्शन दर में कमी देखी गई है। वहीं LinkedIn पर भी पोस्ट के साथ होने वाले इंटरैक्शन में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा Threads जैसे नए प्लेटफॉर्म पर भी एंगेजमेंट में कमी देखी गई। हालांकि कुछ प्लेटफॉर्म्स पर हल्की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है।
उदाहरण के लिए Facebook, Pinterest और TikTok पर यूजर गतिविधियों में मामूली वृद्धि देखी गई। दिलचस्प बात यह है कि X (Twitter) पर पिछले वर्ष की तुलना में एंगेजमेंट में कुछ सुधार दर्ज किया गया।

कंटेंट बढ़ा, लेकिन इंटरैक्शन नहीं
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 2025 के दौरान कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट की संख्या दोगुनी या तिगुनी तक बढ़ गई। हालांकि पोस्ट की बढ़ती संख्या के बावजूद यूजर्स की प्रतिक्रिया उसी अनुपात में नहीं बढ़ी। इसका अर्थ यह है कि सोशल मीडिया पर कंटेंट की मात्रा तेजी से बढ़ रही है, लेकिन यूजर्स उससे उतना जुड़ाव महसूस नहीं कर रहे। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति “कंटेंट ओवरलोड” का संकेत हो सकती है, जहां बहुत ज्यादा पोस्ट होने के कारण महत्वपूर्ण या दिलचस्प कंटेंट भी भीड़ में खो जाता है।
आजकल सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार किए गए पोस्ट, लेख और वीडियो तेजी से बढ़ रहे हैं। कई क्रिएटर्स और ब्रांड्स कंटेंट बनाने के लिए एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार, इससे यूजर्स के अनुभव पर असर पड़ सकता है। जब टाइमलाइन में बहुत अधिक एआई-जनरेटेड कंटेंट दिखाई देता है, तो वास्तविक और व्यक्तिगत अनुभव से जुड़ा कंटेंट कम नजर आता है। इससे यूजर्स का भावनात्मक जुड़ाव भी कम हो सकता है।
एल्गोरिदम बदलाव भी बड़ी वजह
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स नियमित रूप से अपने एल्गोरिदम अपडेट करते रहते हैं। ये एल्गोरिदम तय करते हैं कि यूजर की फीड में कौन-सा कंटेंट पहले दिखाई देगा। उदाहरण के तौर पर कई प्लेटफॉर्म आजकल शॉर्ट वीडियो या रील्स जैसे फॉर्मेट को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा सुझाए गए पोस्ट और विज्ञापन भी यूजर की फीड में ज्यादा दिखाई देते हैं। कई बार ऐसा होता है कि यूजर्स को उन अकाउंट्स के पोस्ट कम दिखाई देते हैं जिन्हें वे वास्तव में फॉलो करते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार हर प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की पसंद अलग होती है। उदाहरण के लिए LinkedIn पर कैरोसेल पोस्ट ज्यादा एंगेजमेंट प्राप्त करते हैं, जबकि Instagram पर रील्स सबसे लोकप्रिय फॉर्मेट बन चुके हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि कंटेंट का फॉर्मेट और प्रस्तुति भी एंगेजमेंट दर को प्रभावित करती है।
अपनी सोशल मीडिया फीड को बेहतर कैसे बनाएं
हालांकि एल्गोरिदम को पूरी तरह नियंत्रित करना संभव नहीं है, लेकिन कुछ सेटिंग्स बदलकर यूजर्स अपनी फीड को अधिक प्रासंगिक बना सकते हैं। इसके लिए यूजर्स उन अकाउंट्स को म्यूट या हाइड कर सकते हैं जिनका कंटेंट उन्हें पसंद नहीं है। विज्ञापनों या अनचाहे पोस्ट पर “Not Interested” विकल्प चुनने से भी एल्गोरिदम को संकेत मिलता है। इसके अलावा पसंदीदा क्रिएटर्स को प्राथमिकता देना और नियमित रूप से प्राइवेसी तथा कंटेंट सेटिंग्स अपडेट करना भी मददगार हो सकता है।












