वाराणसी: काशी के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान IIT-BHU में शिकागो से आए आध्यात्मिक गुरु अखंड स्वामी ने छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता ही दुनिया का सबसे बड़ा साइंस है, क्योंकि यह इंसान को भीतर से मजबूत बनाती है और जीवन को सही दिशा देती है।
कार्यक्रम के दौरान अखंड स्वामी ने छात्रों से कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक समझ भी जरूरी है। उनके अनुसार विज्ञान हमें बाहरी दुनिया को समझने में मदद करता है, जबकि आध्यात्मिकता इंसान के भीतर की शक्ति को जागृत करती है।
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि जीवन में सफलता पाने के लिए अनुशासन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बेहद जरूरी हैं। अगर व्यक्ति अपने लक्ष्य पर फोकस रखे और मन को स्थिर रखे तो वह किसी भी क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है।
अखंड स्वामी ने यह भी कहा कि आज के समय में युवा कई तरह के दबाव और तनाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में ध्यान, योग और आध्यात्मिक अभ्यास मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भी उनसे कई सवाल पूछे। स्वामी ने सभी सवालों के जवाब देते हुए कहा कि तकनीक और आध्यात्मिकता एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं, बल्कि दोनों मिलकर जीवन को बेहतर बना सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने अखंड स्वामी का स्वागत किया और उनके विचारों को प्रेरणादायक बताया। IIT-BHU में आयोजित यह संवाद सत्र छात्रों के लिए काफी उपयोगी और प्रेरक साबित हुआ।












