2005 में स्टीव जॉब्स ने Adobe के CEO ब्रूस चिजेन को Apple कर्मचारियों को हायर करने पर कड़ा ईमेल भेजा। यह विवाद 2010 में एंटीट्रस्ट मुकदमे के दौरान सामने आया, जिसमें Apple, Adobe और Google पर गैर-कानूनी नो-पोचिंग समझौते का आरोप लगा। कंपनियों को $415 मिलियन में निपटान करना पड़ा।
Apple And Adobe Dispute: 2005 में Apple के CEO स्टीव जॉब्स ने Adobe के CEO ब्रूस चिजेन को एक गुस्से भरा ईमेल भेजा, जिसमें उन्होंने कर्मचारियों को हायर करने के आरोप लगाए। यह घटना अमेरिका में तब सामने आई जब 2010 में एंटीट्रस्ट मुकदमा दायर हुआ। आरोप था कि Apple, Adobe और Google ने मिलकर एक नो-पोचिंग समझौता किया था, जो गैर-कानूनी था। मुकदमे के परिणामस्वरूप कंपनियों ने लगभग $415 मिलियन का निपटान किया।
विवाद की शुरुआत और ईमेल का संदेश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple और Adobe के बीच एक अनौपचारिक 'नो-पोचिंग' समझौता था, जिसके तहत दोनों कंपनियां एक-दूसरे के कर्मचारियों को नहीं हायर करती थीं। जॉब्स को पता चला कि Adobe ने एक Apple कर्मचारी को हायर किया और अन्य से संपर्क कर रही थी।
26 मई 2005 को भेजे गए ईमेल में जॉब्स ने स्पष्ट रूप से अपनी नाराजगी व्यक्त की और कहा, "हम दोनों में से किसी एक को अपनी पॉलिसी बदलनी होगी। कृपया मुझे बताएं कि वह कौन होगा।" ब्रूस चिजेन ने जवाब में कहा कि उनका समझौता केवल सीनियर-लेवल कर्मचारियों पर लागू था और Apple ने जूनियर कर्मचारियों से संपर्क किया था।

एंटीट्रस्ट मुकदमा और निपटान
यह ईमेल 2010 में सामने आया जब अमेरिकी टेक कंपनियों के खिलाफ एंटीट्रस्ट मुकदमा दायर किया गया। आरोप था कि Apple, Adobe और Google ने मिलकर कोल्ड कॉल करके एक-दूसरे के कर्मचारियों को नौकरी पर नहीं रखने का समझौता किया था। यह गैर-कानूनी माना गया और कंपनियों को लगभग $415 मिलियन का निपटान करना पड़ा।
मामले ने टेक इंडस्ट्री में बड़े विवाद और चर्चा को जन्म दिया, क्योंकि Apple और Adobe का रिश्ता शुरू से ही सहयोग और प्रतिस्पर्धा का मिश्रण रहा है। Flash टेक्नोलॉजी और अन्य तकनीकी मुद्दों पर दोनों कंपनियों के बीच संघर्ष भी देखा गया।












