वाराणसी - कोहरे का असर कम होने के बावजूद ट्रेनों की लेटलतीफी थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार को इंदौर से वाराणसी आने वाली महाकाल एक्सप्रेस वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर करीब 14 घंटे की देरी से पहुँची। पहले इस ट्रेन को लगभग 10 घंटे री-शेड्यूल किया गया था, लेकिन वास्तविक देरी इससे भी अधिक रही।
महाकाल एक्सप्रेस के अलावा कई अन्य लंबी दूरी की ट्रेनें भी घंटों विलंब से वाराणसी पहुँचीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नई दिल्ली–जयनगर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस लगभग 10 घंटे, नई दिल्ली–बनारस सुपरफास्ट साढ़े सात घंटे, फरक्का एक्सप्रेस सात घंटे और शिवगंगा एक्सप्रेस छह घंटे से अधिक की देरी से पहुँची। वहीं लिच्छवी एक्सप्रेस और महामना एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से काफी देर से आईं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पहले कोहरे के कारण ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा था, हालांकि मौसम में सुधार के बाद भी ट्रेनों की समयबद्धता पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। लगातार हो रही देरी से यात्रियों में नाराजगी देखी जा रही है और स्टेशन पर इंतजार करने वालों की भीड़ बढ़ गई है।









