Stocks to Watch: गुरुवार को बाजार में दिख सकता है एक्शन, इन कंपनियों के फैसले तय करेंगे रुख

Stocks to Watch: गुरुवार को बाजार में दिख सकता है एक्शन, इन कंपनियों के फैसले तय करेंगे रुख

गुरुवार, 5 मार्च 2026 को भारतीय बाजार में गुजरात गैस, GE शिपिंग, रामकी इंफ्रा, HUL, BSE, DLF, भारत फोर्ज, Polycab, Cyient और Persistent Systems जैसे शेयर खबरों के चलते फोकस में रहेंगे। इन कंपनियों के ताजा फैसले निवेशकों की रणनीति प्रभावित कर सकते हैं।

Stocks to Watch: गुरुवार, 5 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की नजर कई प्रमुख स्टॉक्स पर रहेगी। एशियाई बाजारों में तेजी के बीच, भारतीय बाजार भी सकारात्मक संकेत के साथ खुल सकते हैं। गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स सुबह 8 बजे 24,690 के स्तर पर 50 अंकों की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे। इसका मतलब यह है कि निफ्टी-50 भी बढ़त में खुलने की संभावना रखता है।

इस स्थिति में निवेशकों को कुछ विशेष स्टॉक्स पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन कंपनियों के लेटेस्ट अपडेट सीधे उनके शेयर पर असर डाल सकते हैं।

गुजरात गैस में कटौती का नोटिस

गुजरात गैस ने मिडिल ईस्ट में ऊर्जा संकट के चलते 6 मार्च 2026 से औद्योगिक ग्राहकों के लिए फोर्स मेज्योर नोटिस जारी किया है। इसके तहत तय गैस सप्लाई में कमी की जाएगी। कंपनी के अनुसार, यह कदम ऊर्जा की कमी के कारण जरूरी हो गया है। इस निर्णय से कंपनी के राजस्व और ऑपरेशनल प्लान पर असर पड़ सकता है, इसलिए निवेशकों को इस स्टॉक पर नजर रखना चाहिए।

Great Eastern Shipping Company का नया जहाज

Great Eastern Shipping Company ने 2014 में जापान में बने 81,094 डेडवेट टन क्षमता वाले कंसारमैक्स ड्राई बल्क जहाज की खरीद के लिए समझौता किया है। इस खरीद को कंपनी अपने इंटरनल फंड से करेगी। जहाज की डिलीवरी वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक होने की उम्मीद है। यह निवेश कंपनी के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ प्लान का हिस्सा है और शिपिंग सेक्टर में मजबूत स्थिति बनाए रखने में मदद करेगा।

Ramky Infrastructure को नया EPC ठेका

Ramky Infrastructure को महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल टाउनशिप से ₹1,401.84 करोड़ का EPC ठेका मिला है। इस ठेके के तहत दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अन्तर्गत दिघी पोर्ट इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में बुनियादी ढांचा तैयार करना शामिल है। यह ठेका कंपनी के प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो और राजस्व वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।

Hindustan Unilever का स्टेक बेचने का फैसला

Hindustan Unilever ने न्यूट्रिशनलैब प्राइवेट लिमिटेड में अपनी 19.8% हिस्सेदारी लगभग ₹307 करोड़ में बेच दी है। यह सौदा पहले तय शर्तों के अनुसार पूरा किया गया है। कंपनी ने इस निर्णय से अपने फोकस को मुख्य बिजनेस पर बनाए रखने का संकेत दिया है। निवेशकों के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कंपनी की कैपिटल अलोकेशन स्ट्रेटेजी स्पष्ट होती है।

BSE को नए डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की मंजूरी

BSE को SEBI से ‘सेंसेक्स नेक्स्ट 30’ इंडेक्स पर नए डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। यह कदम एक्सचेंज की उत्पाद विविधता बढ़ाने और निवेशकों को नए ट्रेडिंग ऑप्शंस देने में मदद करेगा।

DLF के प्रोजेक्ट विवाद पर सफाई

DLF ने प्राइमस प्रोजेक्ट को लेकर आई खबरों को गलत बताया है। कंपनी के अनुसार, 2017 में ही बिजली-पानी जैसी सुविधाओं के साथ कब्जा दे दिया गया था। विवाद केवल पांच खरीदारों से जुड़ा है और सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक कोई अंतिम राय नहीं दी है। निवेशकों के लिए यह स्टॉक फिलहाल स्थिर दिखाई दे सकता है, लेकिन विवाद के हल होने पर शेयर पर असर पड़ सकता है।

Bharat Forge के निवेश फैसले

Bharat Forge की निवेश समिति ने ₹800 करोड़ तक का असुरक्षित रुपये का टर्म लोन लेने की मंजूरी दी है। यह राशि पहले बोर्ड द्वारा मंजूर ₹2,000 करोड़ के फंड जुटाने की सीमा के भीतर है। इस लोन से कंपनी अपने ऑपरेशनल और कैपिटल एक्सपेंशन प्लान को फंड कर सकेगी। निवेशकों को इसके लिए स्टॉक पर नजर रखनी चाहिए।

Polycab India के टैक्स नोटिस

मुंबई आयकर विभाग ने Polycab India के खिलाफ आकलन वर्ष 2024-25 के लिए ₹327.45 करोड़ की टैक्स मांग का आदेश जारी किया है। कंपनी ने कहा है कि यह विवाद सुधार और अपील के माध्यम से सुलझाया जाएगा और इसका वित्तीय स्थिति पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

Cyient का जॉइंट वेंचर लिक्विडेशन

एनसीएलटी ने Cyient और HAL के 50:50 जॉइंट वेंचर इंफोटेक एचएएल लिमिटेड के लिक्विडेशन का आदेश दिया है। दिवालियापन और दिवालिया संहिता, 2016 के तहत वासुदेवन गोपू को लिक्विडेटर नियुक्त किया गया है। यह निर्णय कंपनी की फाइनेंशियल स्ट्रक्चर और भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर प्रभाव डाल सकता है।

Persistent Systems में इंटरनल रिस्ट्रक्चरिंग

Persistent Systems ने आंतरिक पुनर्गठन के तहत अपनी पोलैंड इकाई की 100% शेयरधारिता को अमेरिकी सहायक कंपनी से आयरलैंड स्थित पूरी तरह स्वामित्व वाली सहायक कंपनी में ट्रांसफर करने का समझौता किया है। यह कदम कंपनी की ग्लोबल ऑपरेशंस को मजबूत करने और टैक्नोलॉजी सेवाओं में दक्षता बढ़ाने के लिए है।

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