पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल कीमतों में उछाल से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ गया है। गिफ्ट निफ्टी 530 अंक गिरा, जबकि वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी रही। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाते दिख रहे हैं।
Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों में गिरावट और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिख सकता है। ईरान द्वारा हमलों का दायरा बढ़ाए जाने के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ी है। तेल कीमतों में आई तेज उछाल ने बाजार की चिंता और गहरा दी है। गिफ्ट निफ्टी सुबह 7:40 बजे तक 530 अंक गिरकर 24,451 पर ट्रेड करता दिखा, जो कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है। इससे पहले भी बेंचमार्क इंडेक्स एक प्रतिशत से अधिक गिरकर बंद हुए थे, जिससे साफ है कि बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल है।
अमेरिका और इजराइल द्वारा पिछले सप्ताह ईरान पर किए गए मिसाइल हमलों के बाद तनाव लगातार बढ़ा है। इन घटनाओं के बाद निवेशकों का रुख जोखिम वाले एसेट्स से हटकर सुरक्षित विकल्पों की ओर जाता दिख रहा है। इसका सीधा असर इक्विटी मार्केट पर पड़ रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड दो सत्रों में करीब 18 प्रतिशत चढ़कर 85 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। जुलाई 2024 के बाद यह पहला मौका है जब कीमतें इस स्तर को पार कर गई हैं। तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाता घाटा प्रभावित हो सकता है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को बीमा गारंटी और नौसैनिक सुरक्षा दे सकता है ताकि आपूर्ति बाधित न हो। हालांकि निवेशक अभी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में गिरावट
एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी दो सत्रों में 13 प्रतिशत तक गिर गया। जापान का निक्केई 225 लगभग 3 प्रतिशत और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 करीब 2 प्रतिशत नीचे रहा।
अमेरिकी बाजार भी दबाव में रहे। एसएंडपी 500 और नैस्डैक क्रमशः 0.94 प्रतिशत और 1.02 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। वॉल स्ट्रीट की कमजोरी का असर आज भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
डाबर का रणनीतिक निवेश
एफएमसीजी कंपनी डाबर ने अपनी सहायक पहल डाबर वेंचर्स के जरिए लक्जरी स्किनकेयर D2C ब्रांड आरएएस ब्यूटी प्राइवेट लिमिटेड में 60 करोड़ रुपये का अल्पांश निवेश करने का समझौता किया है। यह निवेश कंपनी की डिजिटल और प्रीमियम ब्यूटी सेगमेंट में मौजूदगी मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
तेजी से बढ़ते D2C सेगमेंट में यह कदम डाबर को युवा ग्राहकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद कर सकता है।
अदानी पोर्ट्स का मजबूत कार्गो प्रदर्शन
अदानी पोर्ट्स ने फरवरी 2026 में 42.5 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो संभाला, जो सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। चालू वित्त वर्ष की शुरुआत से अब तक कुल कार्गो वॉल्यूम 454.7 मिलियन मीट्रिक टन रहा, जो 11 प्रतिशत अधिक है।
मजबूत ऑपरेशनल आंकड़े कंपनी के बिजनेस की स्थिरता दिखाते हैं। हालांकि वैश्विक व्यापार पर तनाव का असर भविष्य में देखने को मिल सकता है, इसलिए निवेशक इन आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण करेंगे।
सिप्ला का बायोलॉजिक्स ज्वाइंट वेंचर
दवा कंपनी सिप्ला ने केमवेल बायोफार्मा के साथ 60:40 अनुपात में संयुक्त उद्यम बनाया है। इस ज्वाइंट वेंचर के तहत भारत में बायोलॉजिक्स का विकास, निर्माण और व्यावसायीकरण किया जाएगा।
बायोलॉजिक्स सेगमेंट फार्मा इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ता क्षेत्र है। इस साझेदारी से सिप्ला को भविष्य में नए राजस्व स्रोत मिल सकते हैं।
JSW सीमेंट को लाइमस्टोन ब्लॉक
सरकारी ई-नीलामी में JSW सीमेंट को असम के दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो स्थित सिकिलांगसो लाइमस्टोन ब्लॉक के भाग A और B के लिए पसंदीदा बोलीदाता घोषित किया गया है। प्रत्येक ब्लॉक का क्षेत्रफल 200 हेक्टेयर है।
लाइमस्टोन की उपलब्धता सीमेंट कंपनियों के लिए अहम होती है। इस ब्लॉक से कंपनी की कच्चे माल की आपूर्ति मजबूत हो सकती है और लंबी अवधि में लागत नियंत्रण में मदद मिल सकती है।
अन्य कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट
Allied Blenders and Distillers कियॉन ब्लेंडर्स में 50 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदेगी। इससे वह उसकी सहायक कंपनी बन जाएगी। साथ ही 300 करोड़ रुपये की विजयनगरम डिस्टिलरी परियोजना से क्षमता और मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।
Servotech Renewable ने जानकारी दी कि 73.70 करोड़ रुपये का एनआरईडीकैप रूफटॉप सोलर ऑर्डर संशोधित शर्तों के बाद बंद कर दिया गया है। कंपनी ने बैंक गारंटी वापस ले ली है और इस परियोजना से कोई राजस्व शामिल नहीं किया गया है।
MAS Financial Services को भारतीय रिजर्व बैंक से फैक्टरिंग कारोबार शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। इससे कंपनी अपने बिजनेस पोर्टफोलियो का विस्तार कर सकेगी।
Venus Remedies ने बताया कि प्रमोटर संस्थाओं ने विलय योजना को मंजूरी दे दी है। इस पुनर्गठन से कंपनी के नियंत्रण में कोई बदलाव नहीं होगा।
IOL Chemicals ने एथिल एसीटेट और एसेटिक एनहाइड्राइड की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की घोषणा की है। इससे कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता में इजाफा होगा और भविष्य की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
AGI Infra के बोर्ड ने 4 मार्च 2026 से इश्यू खोलने की मंजूरी दी है और प्रति शेयर 2,274.825 रुपये का फ्लोर प्राइस तय किया है।











