टीचरों के लिए TET का सुलझेगा मुद्दा, शिक्षा मंत्री ने NCTE को दिए स्पष्ट निर्देश

टीचरों के लिए TET का सुलझेगा मुद्दा, शिक्षा मंत्री ने NCTE को दिए स्पष्ट निर्देश

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे देशभर के 12 लाख शिक्षकों की नौकरी, वरिष्ठता और पदोन्नति पर संकट उत्पन्न हुआ। ABRSM प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर समाधान और पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। शिक्षा मंत्री ने NCTE को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

TET अनिवार्यता पर समाधान का प्रयास: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ABRSM प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) के फैसले से प्रभावित शिक्षकों की सुरक्षा और वरिष्ठता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह बैठक दिल्ली में आयोजित हुई, जिसमें देशभर के 12 लाख शिक्षक और ABRSM के अधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने TET के पूर्वव्यापी लागू होने से उत्पन्न संकट पर चर्चा की और शिक्षा मंत्री ने NCTE को आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कदम उठाने के लिए निर्देशित किया।

TET अनिवार्यता पर समाधान की दिशा में कदम

देशभर के लगभग 12 लाख शिक्षक अब टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) के फैसले से प्रभावित हैं। सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2025 के आदेश के बाद यह परीक्षा सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य कर दी गई है। इस फैसले से कई वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की नौकरी, वरिष्ठता और पदोन्नति पर संकट खड़ा हो गया है। इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर समाधान के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया।

ABRSM प्रतिनिधिमंडल ने उठाए शिक्षकों के मुद्दे

ABRSM के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता, महासचिव प्रो. गीता भट्ट और संगठन मंत्री महेंद्र कपूर शामिल थे। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को बताया कि TET का पूर्वव्यापी रूप से लागू करना 12 लाख शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा, पदोन्नति और वरिष्ठता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। कई शिक्षकों ने दशकों से पढ़ाई और सेवा में योगदान दिया है, ऐसे में इस फैसले को पीछे की तिथि से लागू करना न्यायसंगत नहीं माना जा रहा।

प्रतिनिधिमंडल ने 23 अगस्त 2010 के NCTE नोटिफिकेशन का भी उल्लेख किया, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि कक्षा पहली से आठवीं तक के शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता केवल नोटिफिकेशन जारी होने के बाद प्रभावी होगी। इससे पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट दी गई थी। ABRSM ने अनुरोध किया कि पुराने शिक्षक TET के फैसले से बाधित न हों और उनकी सेवा-संरक्षा बनी रहे।

शिक्षा मंत्री ने दिए NCTE को निर्देश

प्रतिनिधिमंडल की बातों और दस्तावेजों को गंभीरता से सुनने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NCTE अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि TET का निर्णय केवल भावी रूप से लागू हो, पूर्व नियुक्त शिक्षकों की वरिष्ठता और गरिमा की रक्षा हो, और उन्हें सेवा-समाप्ति या पदोन्नति में बाधा का सामना न करना पड़े।

मंत्री ने यह भी कहा कि TET लागू करने में संवेदनशीलता और न्यायसंगत दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, ताकि शिक्षकों की करियर सुरक्षा प्रभावित न हो। इस दिशा में NCTE को विधिक और प्रशासनिक कदम उठाने के लिए कहा गया है।

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