UP Global Investment Meet: लखनऊ में जुटेंगे 22 देशों के राजदूत, यूपी बनेगा विदेशी निवेश का नया गढ़

UP Global Investment Meet: लखनऊ में जुटेंगे 22 देशों के राजदूत, यूपी बनेगा विदेशी निवेश का नया गढ़

उत्तर प्रदेश में शुक्रवार से रविवार, 2 नवंबर तक 22 देशों के 48 राजदूतों और प्रतिनिधियों का संगम होने जा रहा है। इस दौरान विदेशी मेहमान उत्तर प्रदेश और अवध की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत से रूबरू होंगे।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) आने वाले सप्ताहांत में वैश्विक निवेशकों और राजनयिकों का केंद्र बनने जा रहा है। शुक्रवार से रविवार (1 से 3 नवंबर) तक राजधानी लखनऊ में 22 देशों के 48 राजदूत और राजनयिक प्रतिनिधि एक साथ जुटेंगे। यह पहली बार होगा जब इतने बड़े पैमाने पर विदेशी प्रतिनिधिमंडल यूपी का दौरा करेगा। 

इस यात्रा का उद्देश्य राज्य में निवेश (Investment Opportunities in UP) की संभावनाओं को तलाशना और भारत के सबसे तेजी से उभरते औद्योगिक राज्य की क्षमता को समझना है।

यूपी में विदेशी निवेश के नए अवसर

राज्य सरकार के इन्वेस्ट यूपी (Invest UP) विभाग को इस ऐतिहासिक आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कार्यक्रम न केवल उद्योग, अवसंरचना और स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रदर्शित करेगा बल्कि अवध की संस्कृति, कला और परंपरा को भी दुनिया के सामने लाएगा। सरकार का मकसद विदेशी राजदूतों को यूपी के विकास मॉडल से परिचित कराना और उन्हें प्रदेश में निवेश के लिए प्रेरित करना है।

इन राजदूतों में अमेरिका, जापान, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नीदरलैंड्स, इटली, कनाडा, ब्राजील, इंडोनेशिया, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, वियतनाम, मिस्र, मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

लखनऊ में होगी सांस्कृतिक और औद्योगिक झलक

तीन दिवसीय यात्रा के दौरान विदेशी मेहमानों को लखनऊ की गंगा-जमुनी तहजीब और आधुनिक विकास की दिशा दोनों का अनुभव कराया जाएगा।
वे ऐतिहासिक स्थलों — बड़ा इमामबाड़ा, रूमी दरवाजा, हुसैनाबाद घड़ीघर और ब्रिटिश रेजीडेंसी का भ्रमण करेंगे। इसके साथ ही चिकनकारी उद्योग और अवधी व्यंजन का स्वाद भी लेंगे, जो लखनऊ की पहचान हैं।

राज्य सरकार इस कार्यक्रम को “Brand UP, Global Connect” नाम से आयोजित कर रही है। इस पहल का मकसद यह दिखाना है कि कैसे उत्तर प्रदेश परंपरा और प्रगति का संतुलित संगम बन चुका है।

युवा कौशल और तकनीकी क्षमता पर फोकस

विदेशी प्रतिनिधि केवल सांस्कृतिक पहलुओं से ही नहीं, बल्कि शिक्षा और तकनीकी नवाचार से भी रूबरू होंगे। वे आईआईएम लखनऊ (IIM Lucknow), एकेटीयू (Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University) और एचसीएल आईटी सिटी (HCL IT City) का दौरा करेंगे।  यहां वे यूपी के युवाओं की प्रबंधन, उद्यमिता और तकनीकी क्षमताओं को नजदीक से देखेंगे।

सरकार का मानना है कि अगर विदेशी राजदूत यूपी की प्रतिभा और तकनीकी दक्षता को समझेंगे, तो यह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने में बड़ा कदम साबित होगा।

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