उर्वशी ढोलकिया ने टीवी से क्यों बनाई दूरी? अब रियलिटी शो ‘द 50’ से कर रहीं वापसी, जानिए वजह

उर्वशी ढोलकिया ने टीवी से क्यों बनाई दूरी? अब रियलिटी शो ‘द 50’ से कर रहीं वापसी, जानिए वजह

टेलीविजन की दुनिया में अपनी दमदार मौजूदगी और यादगार किरदारों के लिए पहचानी जाने वाली अभिनेत्री उर्वशी ढोलकिया एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लंबे समय तक छोटे पर्दे से दूरी बनाए रखने के बाद उर्वशी अब नए रियलिटी शो ‘द 50’ के जरिए वापसी करने जा रही हैं। 

Urvashi Dholakia: कुछ समय तक लाइमलाइट से दूर रहने के बाद उर्वशी ढोलकिया अब अपनी शर्तों पर वापसी करने के लिए तैयार हैं। टीवी पर अपनी यादगार भूमिकाओं के लिए पहचानी जाने वाली यह अदाकारा अब रियलिटी शो ‘द 50’ में नजर आने वाली हैं, जिसे वह अपने अब तक के सभी प्रोजेक्ट्स से बिल्कुल अलग बताती हैं। उर्वशी के लिए यह फैसला टेलीविजन से लंबे समय तक दूरी बनाए रखने के बाद खुद को एक नई चुनौती देने की दिशा में उठाया गया अहम कदम है।

लंबे ब्रेक के बाद सोच-समझकर वापसी

उर्वशी ढोलकिया का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर खुद को लाइमलाइट से कुछ समय के लिए दूर रखा था। उनके मुताबिक, यह ब्रेक किसी मजबूरी का नहीं बल्कि आत्ममंथन और खुद को नए सिरे से चुनौती देने का फैसला था। एक इंटरव्यू में उर्वशी ने कहा कि वह काफी समय से आराम कर रही थीं और अब उन्हें लगा कि खुद को फिर से एक अलग माहौल में परखने का समय आ गया है।

उनके अनुसार, ‘द 50’ उनके करियर के अब तक के सभी प्रोजेक्ट्स से बिल्कुल अलग है और यही बात उन्हें इस शो की ओर खींच लाई। यह एक ऐसा रियलिटी फॉर्मेट है, जिसमें अनिश्चितता और रोमांच दोनों हैं।

‘द 50’ क्यों है खास?

उर्वशी बताती हैं कि ‘द 50’ का पहला सीज़न होने की वजह से इसमें कुछ भी पहले से तय नहीं है। शो का अनप्रिडिक्टेबल नेचर ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि जब किसी शो में आगे क्या होगा, यह न कंटेस्टेंट्स जानते हैं और न ही दर्शक, तो वह अनुभव बेहद रोमांचक हो जाता है। उनके मुताबिक, यही अनिश्चितता कलाकारों को उनकी कम्फर्ट ज़ोन से बाहर लाती है और उन्हें खुद का एक नया पहलू दिखाने का मौका देती है। उर्वशी के लिए यह शो सिर्फ एक कमबैक नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत चुनौती है।

उर्वशी ढोलकिया ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने टेलीविजन से दूरी इसलिए बनाई क्योंकि उन्हें लगा कि वह इस माध्यम पर बहुत कुछ कर चुकी हैं। उन्होंने अपने अभिनय के जरिए एक खास स्तर हासिल कर लिया था और अब वह खुद को दोहराना नहीं चाहती थीं। एक अभिनेत्री के तौर पर उर्वशी नए अनुभव और अलग तरह के मौके तलाश रही थीं। उनका मानना है कि कलाकार के विकास के लिए यह जरूरी है कि वह समय-समय पर खुद से सवाल करे और नई दिशाओं में कदम बढ़ाए।

“बहुत ज़्यादा दिखने” का टैग बना उलझन

उर्वशी ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें अक्सर यह सुनने को मिला कि वह टीवी पर बहुत ज्यादा नज़र आती हैं। इस तरह की टिप्पणियों ने उन्हें कन्फ्यूज़ कर दिया, क्योंकि एक तरफ काम की सराहना होती है और दूसरी तरफ उसी काम को सीमित कर देने वाला टैग लगा दिया जाता है। उनके मुताबिक, यह समझना मुश्किल हो जाता है कि दर्शक और इंडस्ट्री आखिर चाहते क्या हैं—लगातार काम या फिर दूरी बनाकर रहना।

अपने करियर के दौरान उर्वशी ने कई मजबूत और निगेटिव रोल निभाए हैं, जिनमें से कुछ आइकॉनिक बन चुके हैं। लेकिन अब वह बार-बार एक जैसे किरदार निभाने में दिलचस्पी नहीं रखतीं। उन्होंने कहा कि जब भी निर्माता उनसे संपर्क करते हैं, तो अक्सर “कुछ अलग” कहकर वही पुराने टाइप के निगेटिव रोल ऑफर किए जाते हैं। उर्वशी साफ कर चुकी हैं कि अगर किरदार में कुछ नया, अलग और चुनौतीपूर्ण नहीं है, तो वह उसे स्वीकार नहीं करेंगी।

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